
शिक्षकों ने उठाई चांडिल गोलचक्कर से प्रखंड मुख्यालय तक सड़क मरम्मति की मांग

सरायकेला-खरसावां/ चांडिल : चांडिल प्रखंड मुख्यालय स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय चैनपुर में मंगलवार को आयोजित प्रधानाध्यापकों की मासिक बैठक में शिक्षकों ने चांडिल गोलचक्कर से प्रखंड कार्यालय तक की जर्जर एवं जानलेवा सड़क की अविलंब मरम्मति की मांग की।
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने बताया कि उक्त मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में आम नागरिक, स्कूली बच्चे, शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारी आवागमन करते हैं। इस मार्ग के किनारे ही उत्क्रमित उच्च विद्यालय चैनपुर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुद्ध अकादमी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय तथा अंचलाधिकारी कार्यालय जैसे कई महत्वपूर्ण संस्थान अवस्थित हैं। ऐसे में यह सड़क आम जनजीवन की ‘जीवनरेखा’ बन चुकी है।
शिक्षकों ने कहा कि बीते दो-तीन महीनों में सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि उस पर चलना भी जोखिम भरा हो गया है। जगह-जगह गड्ढे जानलेवा बन चुके हैं, और आए दिन हादसे की खबरें मिल रही हैं। विभागीय कार्यों एवं मासिक बैठकों हेतु शिक्षकों को इसी मार्ग से प्रखंड कार्यालय आना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा भी खतरे में है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल के नाम एक मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा। साथ ही यह मांग पत्र उपायुक्त सरायकेला-खरसावां और स्थानीय विधायक को भी प्रेषित किया गया है।
बैठक के उपरांत सभी शिक्षक कतारबद्ध होकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और मरम्मति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में दीपक दत्ता, अमित कुमार महतो, सुदामा माझी, बुद्धेश्वर साहू, अमर कुमार उरांव, रमन रंजन महतो, धरम सिंह उरांव, भीष्म देव सरदार, रंजित प्रमाणिक एवं संजय कुमार श्रीवास्तव सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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