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कोल्हान प्रमंडल स्तरीय ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ; कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा में प्रतिभाओं ने लिया भाग।

जनजातीय खेल है हमारी संस्कृति की पहचान: डीडीसी…

सरायकेला – संजय मिश्रा । पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड के सौजन्य से सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन द्वारा खरसावां के अर्जुना स्टेडियम में रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रम के बीच कोल्हान प्रमंडल स्तरीय 2023-24 ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का विधिवत उदघाटन जिला उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार ने दीप प्रज्जवलित कर एवं खिलाडियों से परिचय प्राप्त कर किया। मौके पर श्री बरदियार ने कहा कि सरकार ने विलुप्त होती खेल प्रतियोगिताओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है।

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ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल हमारी संस्कृति की पहचान है। सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए डीडीसी ने कहा कि हमारी संस्कृति एवं परंपराएं गौरवमयी रही हैं। सरकार ने उन खेलों को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है जो लगभग विलुप्त हो चुकी है। इन खेलों में जहां मनोरंजन है वहीं इनमें देश की आत्मा बसती हैं। व्यक्ति के कौशल विकास को प्रभावित करने में इन खेलों में पूर्ण क्षमता है। वही जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि हमारे पारंपरिक खेल में न केवल मनोरंजन तत्व हैं बल्कि प्राचीन युग में इस क्षेत्र में हमें महारत हासिल था। उन्होंने प्राचीन खेलों की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन युग में खेले जाने वाले इन खेलों में जनता की आत्मा में बसी हुई थी।

इस प्रतियोगिता के अंतर्गत कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा, पिट्टो आदि पारंपरिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य रूप डीडीसी प्रभात कुमार बरदियार, जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार, डीएसए सचिव मोहम्मद दिलदार, विधायक प्रतिनिधि अनुप सिंहदेव, तीरंदाजी प्रशिक्षक बीएस राव, सिंकदर महतो, कन्या मध्य विद्यालय की प्राचार्या उमा कुमारी, प्रशिक्षक बलराम महतो, संजय सुंडी, पिनाकी रंजन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

300 से ज्यादा खिलाडी दिखाएगे हुनर:-
कोल्हान प्रमंडल स्तरीय ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता के प्रथम दिन सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम एवं पूर्वी सिंहभूम के 24 टीमों के लगभग 300 से ज्यादा बालक-बालिकाओं ने हुनर दिखाया। इससे पूर्व तीरंदाजी गेड़ी दौड़, भाला फेंक, भारा दौड़ जैसी प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है। और इस बार खो-खो, कबड्डी, पिट्टू और गीली डंडा जैसे खेलों का आयोजन कर रहे हैं। खेल स्पर्धा में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्हें राज्य स्तरीय ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा।

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