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मर्यादाओं और नैतिकता में शेम शेम

संजय कुमार विनीत
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक

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आजकल मोटी कमाई के लिए सोशल मीडिया पर भद्दी शो आयोजित करना एक फैशन सा बन गया है। शो निर्माता रचनात्मकता के नाम पर निचले स्तर तक गिरते जा रहे हैं। फ्रीडम ऑफ़ स्पीच के नाम पर इतनी स्वतंत्रता कैसे दी जा सकती है, जब ऐसे शो भारत के संस्कार, संस्कृति के विरुद्ध हो। समय रैना के शो ‘इंडिया’ गॉट लेटेंट’ के ताजे एपिसोड को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। नए एपिसोड में पैरेंट्स को लेकर दिए गए रणबीर इलाहाबादिया के भद्दे कमेंट को लेकर लोग लागातर गुस्सा और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। काफी विरोध, कानूनी कार्रवाई की शुरुआत होने पर समय रैना ने सामने आकर माफी तो मांग ली है। पर क्या समाजिक ताना बाना को इस तरह रौंदकर कमाई को देखने वालों के लिए माफी ही काफी है??

समय रैना के कॉमेडी शो ‘इंडिया गॉट लेटेंट’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शो में गेस्ट के तौर पर पहुंचे मशहूर होस्ट रणवीर इलाहाबादिया ने कुछ ऐसा कह दिया जो लोगों को पसंद नहीं आया।
कंटेस्टेंट शो में अपना टैलेंट दिखाने जज के तौर पर बैठे अल्लाहबादिया ने उनसे उनके माता-पिता को लेकर अभद्र सवाल कर दिया। इसके बाद समय रैना और जज पैनल पर बैठे अन्य लोग उनकी इस बात को हंसते हुए बढ़ावा देने का काम किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रणवीर अल्लाहबादिया के इसी सवाल पर विवाद खड़ा हो गया है और इंटरनेट पर उनके खिलाफ आलोचनाएं शुरू हो गई हैं। यूं तो इस शो और समय रैना का विवादों से पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार वो कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं‌।

इसी बीच हिंदू आईटी सेल ने शिकायत दर्ज कराई है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी कार्रवाई की बात कही है। समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया के वीडियो पर राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि, यह वीडियो बेहद हैरान करने वाला है। चाहे पुरुष हो या महिला, ऐसे जोक सोसाएटी में कभी एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे।महिला के शरीर या फिर किसी मां पर जोक करना अच्छा नहीं है, वहीं इस मामले में कार्रवाई की बात भी कही है।
लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि मजाक भी लिमिट में होना चाहिए। कयी राजनैतिक दल और समाजिक संगठनों द्वारा इसका एकजुट होकर विरोध करना स्वागत योग्य है।

हलांकि, आज दर्शकों ने इसे सामान्य मान लिया है और इन जैसे लोगों को इसका जश्न मनाने का अवसर भी मिल जाता है। राजस्व के लिए ऐसे शो के निर्माता भले ही निचले स्तर तक गिर रहे है पर भारत जैसे संस्कारी देश में दर्शक और मंचों पर इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। ये रचनात्कता के नाम पर कुछ भी कह रहे हैं और बचकर निकल जा रहे हैं ये देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। अब देखिए, इन अश्लीलता परोसने वाले माफी भर से बच निकलते हैं या फिर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है।

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