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भा.कृ.अनु.प.-भारतीय कृषि जैवप्रौद्योगिकी संस्थान एवं जेबीवीएनएल के बीच 11/33 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापना हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

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Arjun Kumar…..✍️

नामकुम(रांची) । भा.कृ.अनु.प.-भारतीय कृषि जैवप्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएबी), रांची एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के बीच संस्थान परिसर में 11/33 केवी विद्युत उपकेंद्र (पावर सब-स्टेशन) की स्थापना हेतु जेबीवीएनएल कार्यालय, डोरंडा, रांची में एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत आईआईएबी उपकेंद्र के निर्माण के लिए अपनी भूमि का एक भाग जेबीवीएनएल को पट्टे पर उपलब्ध कराएगा। यह पहल क्षेत्र की विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समझौता ज्ञापन पर आईआईएबी के निदेशक डॉ. सुजय रक्षित तथा जेबीवीएनएल, रांची के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने दोनों संस्थानों के अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र से आईआईएबी की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को महत्वपूर्ण बल मिलेगा। इससे संस्थान की उन्नत प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों तथा विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं के संचालन हेतु स्थिर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। बेहतर विद्युत अवसंरचना संस्थान में संचालित वर्तमान एवं भावी अनुसंधान कार्यक्रमों को गति प्रदान करेगी तथा वैज्ञानिक कार्यों की दक्षता और गुणवत्ता में वृद्धि करेगी। संस्थान की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ यह नया विद्युत उपकेंद्र आसपास के गांवों में भी विद्युत वितरण एवं प्रबंधन को बेहतर बनाएगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर डॉ. सुजय रक्षित ने वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए विश्वसनीय विद्युत अवसंरचना के महत्व पर बल देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं को और मजबूत करेगा। जेबीवीएनएल के अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना न केवल संस्थान को लाभान्वित करेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाकर जनकल्याण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह साझेदारी अनुसंधान अवसंरचना को सशक्त बनाने तथा क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति आईआईएबी और जेबीवीएनएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।