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हादसों का सफर: मौत घूम रही है सरायकेला की सड़कों पर, संभल कर चलें…..

ड्यूटी से लौट रहे बाइक सवार 22 वर्षीय युवक ने खड़ी ट्रैक्टर में टक्कर मारकर गंवाई जान…

सरायकेला: संजय मिश्रा

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सड़क सुरक्षा के सारे प्रयासों को धत्ता बताते हुए सरायकेला की सड़कें अब खूनी हो चली है। आए दिनों सड़कों पर सड़क दुर्घटना में जान-माल की क्षति आम बात बनी हुई है। बावजूद इसके ना प्रशासन गंभीर दिख रहा है। और ना ही सड़क पर चलने वाले वाहन चालक और वाहन सवार।

बहरहाल इन्हीं घटनाओं के बीच रविवार की देर रात भी सरायकेला थाना अंतर्गत सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर कीता गांव के समीप घटी एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बुरुडीह गांव निवासी 22 वर्षीय युवक परेश पड़िहारी को जान गंवानी पड़ी। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि चालियामा के रुंगटा माइन्स में काम करने वाले परेश अपनी ड्यूटी खत्म कर वापस अपने घर की ओर अपनी बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान कीता गांव के समीप सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर से उनके बाइक की सीधी टक्कर हो गई। जिसमें ऑन द स्पॉट परेश की मौत हो गई। घटना के बाद सड़क एंबुलेंस द्वारा परेश को सदर अस्पताल लाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

बहरहाल पूरे मामले में यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर बिना किसी सिग्नल के खड़ी थी। जबकि सड़क किनारे खड़ी वाहनों में आगे और पीछे की ओर चेतावनी के लिए रेडियम स्टीकर लगाना अनिवार्य किया गया है। बावजूद इसके सड़क किनारे अंधेरे में बिना रेडियम स्टीकर के वाहनों के खड़ा करने की व्यवस्था जारी देखी जा रही है। कीता गांव के समीप पूर्व में भी इस प्रकार के सड़क दुर्घटना में कई लोग जान गंवा चुके हैं। स्थानीय जनों द्वारा कीता गांव के समीप सड़क किनारे अंधेरे में बिना किसी सिग्नल के बड़े वाहनों का खड़ा रहना आम बात बताई जा रही है।

इधर पुत्र खोने का दर्द सहने वाले परिवार का हालात देखा जाए तो परेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। तीन बहने शादी के पश्चात अपने ससुराल में रहती हैं। बीमार पिता और माता की देखरेख करने के साथ अविवाहित परेश कंपनी में ड्यूटी करते हुए अपने माता-पिता की देखभाल किया करता था।