
“राशन दुकानदारों का फूटा आक्रोश: लंबित भुगतान और स्वास्थ्य बीमा समेत कई मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन”


रिपोर्टर – जगबंधु महतो
सरायकेला: फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड की सरायकेला-खरसावां जिला इकाई की बैठक सोमवार को जिला मुख्यालय परिसर के बाहर आयोजित की गई। बैठक में राशन दुकानदारों की वर्षों से लंबित मांगों पर गंभीर चर्चा की गई और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। बैठक के बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव के नाम एक मांग पत्र सौंपा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष फुलकांत झा ने कहा कि राशन दुकानदार पीडीएस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की लंबे समय से लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने सरकार से एनएफएसए एवं ग्रीन कार्डधारकों के खाद्यान्न वितरण का लंबित कमीशन, चना दाल, नमक तथा सोना-सोबरन योजना के तहत धोती-साड़ी वितरण का बकाया भुगतान, ग्रीन चावल पर अतिरिक्त कमीशन और कोरोना काल के लंबित भुगतान का शीघ्र निपटारा करने की मांग की।
उन्होंने राशन दुकानदारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की भी मांग उठाई। साथ ही पीडीएस प्रणाली में आधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि लाभुकों को मिलने वाली सभी सामग्रियों की एक ही रसीद निकल सके और बार-बार बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता समाप्त हो। उनका कहना था कि इससे वितरण प्रक्रिया तेज होगी और दुकानों पर भीड़ भी कम होगी।
बैठक में ई-पॉस मशीन के लिए रोल की उपलब्धता, बिजली बिल एवं दुकान किराया मद में आर्थिक सहायता, पूर्व घोषित प्रोत्साहन राशि का भुगतान, वरिष्ठ राशन दुकानदारों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना तथा निलंबित दुकानों की शीघ्र बहाली की भी मांग उठाई गई।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राशन दुकानदार आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में जिला अध्यक्ष फुलकांत झा, देव प्रकाश देवता सहित बड़ी संख्या में राशन दुकानदार उपस्थित रहे।

