
एमजीएम में भर्ती मलेरिया पीड़ित पोटका कांदर गांव के मासूम ने भी तोड़ा दम। 672 लोगों की जांच में 40 मलेरिया पॉजिटिव मिले। उपायुक्त के निर्देश पर सीओ निकिता वाला एवं जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉक्टर आर के पांडा ने सोमवार पोटका सीएचसी पहुंचकर स्थिति का किया समीक्षा।


जामशेदपुर/ पोटका अभिजीत सेन
पोटका में ब्रेन मलेरिया से चौथी मौत हुई है। जानकारी के अनुसार पोटका प्रखंड क्षेत्र के हरिणा पंचायत अंतर्गत कांदर गांव की गरीब परिवार की एक वर्षीय खुशबू ने एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर में देर रात दम तोड़ दिया। खुशबू का इलाज आइसीयू में चल रहा था। वह बेहोश थी और तीन दिनों तक होश नहीं आया। चिकित्सकों का प्रयासों का बावजूद भी उसे बचाया नहीं जा सका ,आखिर में खुशबू जिंदगी की जंग हार गई। दुखद की बात ह कि ब्रेन मलेरिया से चार दिनों पूर्व ही खुशबू की बड़ी बहन सुबोला सरदार की भी मौत हो चुकी है। महावीर सरदार की तीसरी बेटी करुणा सरदार भी मलेरिया संक्रमित हैं, जीनके इलाज सीएचसी पोटका में भर्ती कर किया जा रहा है। प्रखंड में इसके पूर्व केजीबीवी की छात्रा व सानग्राम निवासी लखी सरदार तथा हितबासा निवासी रोहित सरदार का निधन भी ब्रेन मलेरिया से हो चुका है। प्रखंड में लगातार मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी कोशिशों के बावजूद मलेरिया, ब्रेन मलेरिया का प्रकोप थम नहीं रहा है। प्रखंड में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया की रोकथाम हेतु राज्य स्तरीय टीम का दौरा भी हो चुका है। उपायुक्त राजीव रंजन भी ब्रेन मलेरिया पर रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग को कड़ी चेतावनी दिए हैं। क्षेत्र में मलेरिया की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तेजी से काम कर रहा है। प्रभावित गांवों में नियमित जांच और आइआरएस छिड़काव कराया जा रहा है। सोमवार को खड़ियाकोचा, झरिया, आदर्श एकलव्य विद्यालय मंगलासाई, अनुसूचित जनजाति विद्यालय सबरनगर,कांदर गांव,समरसाई,कुंदरुकोचा,हितबासा,तिलाईडीह गांव के ग्रामीणों व आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं का मलेरिया जांच एमपीडब्ल्यू की टीम द्वारा किया गया। सोमवार को कुल 672 लोगों के जांच में 40 मलेरिया संक्रमित पाए गए। इनमें 6 को सीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है तथा शेष को मौके पर ही दवा का डोज दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ित लोगों को दवा का सेवन हर हाल में करने की अपील किया है ताकि मलेरिया का चेन टूटे।उपायुक्त के निर्देश पर पोटका अंचलाधिकारी निकीता बाला एवं जिला आरसीएच पदाधिकारी डा.आर के पंडा ने सोमवार को सीएचसी पहुंच कर स्थिति का समीक्षा किया। पदाधिकारियों ने सीएचसी प्रभारी डा.रजनी महाकुड़ व सभी एमपीडब्ल्यू को मलेरिया रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को मच्छर भगाने हेतु बेंगना पत्ता जलाकर धुंआ करने,जल जमाव में केरोसिन,मोबील या डीजल डालने ,इससे मलेरिया का लार्वा नहीं फैलेगा के लिए जागरुकता अभियान चलाने की अपील किया।

