
सरायकेला में अफसरों की जवाबदेही पर विधानसभा की पैनी नजर, सदाचार समिति ने खंगाली विकास योजनाएं


रिर्पोटर – जगबंधु महतो
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अनुकंपा नियुक्ति पर विधानसभा समिति की पैनी नजर, कमियां मिलने पर सरकार को रिपोर्ट भेजने के संकेत
सरायकेला:
सरायकेला परिसदन शनिवार को उस समय प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया, जब झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति ने जिले में चल रही सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। समिति ने साफ संदेश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अनुकंपा नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों से विस्तार से जवाब मांगा गया और कई मामलों में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए।
बैठक से पहले उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने वरीय अधिकारियों के साथ समिति के सभापति सह मणिका विधायक रामचंद्र सिंह और सदस्य सह सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो का स्वागत किया। इसके बाद शुरू हुई समीक्षा बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और लंबित मामलों की गहन पड़ताल की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए समिति के सभापति रामचंद्र सिंह ने कहा कि समीक्षा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। इन मामलों को संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
अनुकंपा नियुक्ति का मामला भी बैठक का प्रमुख विषय रहा। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 13 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदन प्रक्रिया में हैं। समिति ने लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रामचंद्र सिंह ने कहा कि सदाचार समिति का उद्देश्य केवल कागजी समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह बना रहे। वहीं सदस्य चंद्रदेव महतो ने भी अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान और विकास कार्यों में गति लाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के अंत में समिति ने स्पष्ट कर दिया कि जिले में विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी लगातार जारी रहेगी। यदि किसी विभाग में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध सरकार के स्तर पर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

