जमशेदपुर : सरे आम सर पर है यमराज खड़े, ज़िन्दगी है मौत के सारे में …
दीपक नाग …✍️


जब वेतन भोगी कर्मचारी काम चोर हो जातें हैं, तब विपत्तियों का बादल आम लोगों के लिए और घनघोर हो जाती है। बातों को समझने के लिए जमशेदपुर के मानगो रोड किनारे बसा ट्रांसपोर्ट नगर पर एक दृष्टि डालने की जरूरत है।

पर्यावरण के दृष्टिकोण से ट्रान्सपोर्ट नगर में अनेक बड़े-बड़े पेड़ों का संगम है। लगातार और तुफानी मौसम के कारण कुछ पेड़ अपनी वजूद खो चूका है। वह भी ट्रांसपोर्ट नगर के पास से गुजरती हुई सड़कों के दिशा में अब गिरे कि तब गिरे स्थिति उत्पन्न कर दी है। चारु सड़क के ऊपर यमराज की तरह की विशालकाय पेड़ वहां से गुजरने वाली बिजली के तारों पर टिकी हुई है।

पीछले कुछ दिनों से ऐसी ही अवस्था बनी हुई है। जाहिर है किसी भी बड़े घटना को अंजाम दे सकता है। स्थानीय लोगों में भय बनना लाजमी है। घटना की जानकारी झारखंड मानवाधिकार संघ के अध्यक्ष दिनेश किनु के कानों तक आई तो वे तुरंत स्थिति का जायजा लेने घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए दिनेश किनु ने अविलंब बिजली विभाग और वन विभाग के पदाधिकारियों को जानकारी देते हुए त्वरित कार्रवाई करने की आग्रह किया।

बहरहाल, समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग के कर्मचारी संभावित दूर्घटना स्थलों में नया बिजली पोल लगवाने के लिए गड्ढे करना आरंभ कर दी है। जानकार पुत्रों के अनुसार वन विभाग में बिजली विभाग के द्वारा यमराज नुमा पेड़ों के संबंध में लिखित जानकारी भी दे दी है।

इतना तो स्पष्ट है कि, जब तक अपना वजूद खो चुके पेड़ों को वन विभाग के द्वारा हटाया नहीं जाता है तब तक यमराज का रुप धारण किए हुए वृक्षों से जान और माल के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बता दूं कि, बिजली विभाग हो या वन विभाग इन विभागों में फिल्ड के लिए कर्मचारी होती है। जिनके जिम्मेदारी में होता है कि इस तरह के कोई विपत्ति जन स्थिति देखें जाने पर अपने वरिय पदाधिकारी को अविलंब वस्तु स्थिति से अवगत कराना है। प्रश्न यह उठता है कि, ऐसे गैर जिम्मेदारी कर्मचारियों से विभागीय स्तर से पूछ-ताछ होगी या क्लिन चिट देकर बरी कर दिया जाएगा ?
