घाटशिला : लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया री-नीट के कारण जान गंवाए परिक्षार्थिओं के लिए…
दीपक नाग …✍️

आज की शाम उन बच्चों के नाम पर एक-एक कैंडल जलाया पूर्वी सिंहभूम जिले के कापर बेल्ट मौभंडार के प्रतिभा मंच में। काफी संख्या में नारी और पुरुषों ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक-एक कैंडल लाइट किया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के नेता सनत काल्टू चक्रवर्ती कर रहे थें।

आज रविवार की शाम क्षेत्र के महिला और पुरुष मौभंर के प्रतिभा मंच पहुंचे। शाम ढलते ही, मौजूद लोगों ने कतारबद्ध होकर हाथों में कैंडल लिए री-नीट के कारण आत्महत्या करने वालों के लिए बच्चों की आत्मा के शांति के लिए कुछ पल मौन रखा। प्रतिभा मंच के पास ही शहीद स्मारक मे कैंडल अर्पण किया।

इस दौरान काल्टु चक्रवर्ती ने वानांचल को बताया कि, नीट के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद एनटीए के द्वारा री-नीट का ऐलान किया गया। लगातार नीट की परीक्षा के पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के विफलताओं के कारण टीन एजर्स बच्चे काफी निराश हुए ।

लगभग बाईस परिक्षार्थियों यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और अपने जीवन लीला समाप्त कर दी। उन्होंने कहा, नीट परीक्षा में लगातार बच्चों के भविष्य से सरकार आसानी से गंदा खेल खेलता आ रहा है। जिस कारण CJP को आंदोलन करना पड़ा और मोदी सरकार को घुटने टेकना पढ़ा। उन्होंने कहा, धर्मेंद्र प्रधान एक असफल शिक्षा मंत्री थें। इन्हें अपने शाख रक्षा के लिए 2024 में ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। श्री चक्रवर्ती ने कहा धर्मेंद्र प्रधान के जाने के बाद नीट की परीक्षा स्वच्छता पूर्वक है सकेगा इसकी गारंटी मोदी सरकार लेते हैं क्या ? उन्होंने कहा, एनटीए एक भ्रष्ट निजी एजेंसी है। सबसे पहले इसे उखाड़कर फैंकना होगा और सर्वदलीय राजनीतिक पार्टी के अलावा CJP के देख देख में नीट परीक्षा संचालन से लेकर परीक्षा के रिजल्ट प्रकाश होने तक का ठोस तकनीकी तैयार करना होगा । जबकि, मोदी सरकार ऐसा कभी होने देना नहीं चाहेंगे और मौका मिलते ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से नहीं चुकेंगे।

बहरहाल, देश के राजनितिक दलों से परे हटकर एक नया शक्ति काक्रोच जनता पार्टी या तो जेन-जी का उदय हुआ है। जिन लोगों ने केवल तीन सप्ताह के नान-स्टाप आंदोलन से उस राजनीतिक दल के केंद्रीय मंत्री को गद्दी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया कि, जिस पार्टी में मंत्री को हटाया नहीं जाता है। आंदोलन का दबाव इतना जोरदार रहा कि केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
बहरहाल, जिन्हे युवाओं को काक्रोच कहकर हंसी उड़ाया जा रहा था आज यही शिक्षित काक्रोच उन लोगों के चेहरों से हंसी उड़ा दी है।
