
सरायकेला रथ महोत्सव के लिए प्रशासन अलर्ट, पहली बार दौड़ेगी बाइक एंबुलेंस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


रिर्पोटर – जगबंधु महतो
रथयात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, ट्रैफिक से स्वास्थ्य तक हर व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर
सरायकेला : विश्व प्रसिद्ध सरायकेला श्रीजगन्नाथ रथ महोत्सव को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और आपदा प्रबंधन की व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है। इस बार रथ महोत्सव में पहली बार बाइक एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे भीड़ के बीच किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सकेगी। तैयारियों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सरायकेला, आदित्यपुर, गम्हरिया और आरआईटी क्षेत्र की सभी रथयात्रा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर पंचायत अध्यक्ष सह मेला समिति अध्यक्ष मनोज चौधरी ने तारिणी व्रत और रथ भांगनी के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की।
वहीं श्रीजगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू उर्फ राजेंद्र महंती ने प्रशासन को रथ संचालन का विस्तृत कार्यक्रम सौंपते हुए बताया कि रथ का रात्रि विश्राम पाठागार चौक और बहुदा यात्रा के दौरान कालूराम चौक में होगा। उन्होंने दोनों स्थलों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने बताया कि इस बार पहली बार बाइक एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या अन्य आपात स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जरूरत पड़ने पर मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
इधर विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने रथ महोत्सव को सरकारी संरक्षण देने की मांग उठाई। प्रशासन ने मेले में लगने वाले सभी झूलों के संचालन से पहले अनिवार्य एनओसी लेने, पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा 24 और 25 जुलाई को संभावित भीड़ को देखते हुए नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीपीओ अनुभव द्विवेदी, थाना प्रभारी विनय कुमार, गम्हरिया थाना प्रभारी संजय कुमार समेत विभिन्न रथयात्रा समितियों के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

