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नीमडीह में बालू कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, एसएम स्टील परिसर से छह हाईवा जब्त

 

 

रिर्पोटर — जगबंधु महतो

 

 

सुबह छह बजे जब्ती, आठ बजे चालान की चर्चा! नीमडीह में बालू परिवहन के दस्तावेजों पर उठे सवाल

 

 

दस्तावेजों के सत्यापन में जुटा प्रशासन, जांच के बाद स्पष्ट होगी परिवहन की वैधता

 

 

 

नीमडीह : सरायकेला-खरसावां जिले में बालू के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में नीमडीह के अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने आदारडीह स्थित एसएम स्टील कंपनी परिसर में छापेमारी कर बालू लदे छह हाईवा जब्त किए। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बालू के कारोबार और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर अंचलाधिकारी ने कंपनी परिसर में कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जब्त हाईवा तिरुलडीह क्षेत्र से बालू लादकर एसएम स्टील परिसर पहुंचे थे। वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बालू लदे होने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग की वास्तविक स्थिति जांच तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

जब्ती के समय और चालान को लेकर सवाल

 

इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा वाहनों की जब्ती और चालान निर्गत होने के समय को लेकर है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि छह हाईवा को सुबह करीब छह बजे पकड़ा गया था, जबकि उनके चालान सुबह लगभग आठ बजे निर्गत होने की चर्चा है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो जब्ती के समय वाहनों के पास उपलब्ध दस्तावेजों की स्थिति जांच का महत्वपूर्ण विषय बन सकती है।

 

हालांकि, चालान जारी होने के समय और उसकी वैधता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन चर्चाओं को फिलहाल आरोप और अपुष्ट जानकारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।

 

दस्तावेजों के सत्यापन के बाद होगी आगे की कार्रवाई

 

अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए छह हाईवा जब्त किए गए हैं। फिलहाल वाहनों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। दस्तावेजों के सत्यापन से ही स्पष्ट होगा कि बालू का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं तथा चालान से संबंधित चर्चाओं में कितनी सच्चाई है।

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