मेधा मिल्क बूथ निर्माण पर ग्रामीणों का कड़ा विरोध, गोचर भूमि आवंटन पर तत्काल रोक लगाने की मांग


रिर्पोटर – जगबंधु महतो
“ग्रामसभा की अनुमति के बिना नहीं होगा निर्माण” – छोटा गम्हरिया के ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को सौंपा आपत्ति पत्र
गम्हरिया (सरायकेला-खरसावां): छोटा गम्हरिया मौजा की गोचर भूमि पर प्रस्तावित मेधा मिल्क बूथ निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सोमवार को ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी, गम्हरिया को एक हस्ताक्षरयुक्त आपत्ति पत्र सौंपकर खाता संख्या-156, खेसरा संख्या-641 की लगभग 100 वर्गफीट भूमि के आवंटन एवं निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि 24 जुलाई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना के माध्यम से उक्त भूमि को मेधा मिल्क बूथ निर्माण के लिए चिन्हित किए जाने की जानकारी मिली। उनका आरोप है कि इस संबंध में न तो ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई और न ही ग्रामीणों से किसी प्रकार की सहमति ली गई। आवेदन में कहा गया है कि संबंधित भूमि सार्वजनिक उपयोग एवं गोचर भूमि है, जिसका किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग करने से पूर्व ग्रामसभा की स्वीकृति और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मैदान का उपयोग विद्यालय के बच्चों के खेलकूद, राष्ट्रीय पर्व, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्रामसभा तथा अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता है। ऐसे में यहां स्थायी निर्माण होने से गांव की सार्वजनिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और बच्चों के खेलने का स्थान भी समाप्त हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी होने तक भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। साथ ही मेधा मिल्क बूथ के लिए किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए इस आवेदन के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

