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भारतीय सभ्यता पर लिखी चार किताबों का लोकार्पण संपन्न
उत्सव धर्मी समाज  से ही बचेगा भारत : बलबीर दत्त

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Arjun Kumar…..✍️

नामकुम(रांची) । भारत उत्सव का देश है यहां की परंपरा और मूल्यों को बचाकर ही भारतीय सभ्यता को बचाया जा सकेगा। उक्त बातें बलबीर दत्त ने कही। वह आज प्रभात प्रकाशन सभागार में आयोजित भारतीय सभ्यता पर लिखीं चार किताबों के लोकापर्ण समारोह में विचार व्यक्त कर रहे थे। डाॅ मयंक मुरारी द्वारा रचित जंबूेद्वीपे-भरतखंडे, सनातन उत्सव का देश, जनजातीय शूरवीरों की गाथाएं और ”ट्राइब्ल व्रेबहार्ट ( दो किताब के सहलेखक अचल प्रियदर्शी ) पुस्तकों को प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास और संस्कृति को समझने में यह किताब एक संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करेगा । मुख्य अतिथि सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि संकल्प मंत्र के माध्यम से हम न केवल गौरवमयी इतिहास का व्याख्यान करते है, बल्कि उन सच्चाई को बार बार अपने सम्मुख लाते हैं, जो इतिहास के अध्याय रहे हैं। पत्रकार अनुज सिन्हा ने बताया कि भारतीय जीवन और दर्शन पर डाॅ मयंक मुरारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  धर्म और अध्यात्मक जैसे विषय को सरलता के साथ समाज के साथ प्रस्तुत किया है। उनके कार्यों में निरंतरता के साथ बौद्धिकता का समावेश है।  प्रांतीय प्रचारक गोपालजी ने कहा कि अपने ‌ऋषियों और उत्सवों को जानना जरूरी है।‌ हरेक माह का महत्व और उसकी महत्व के बारे में समाज को बताना चाहिए।
प्रमोद झा ने कहा कि इन किताबों के माध्यम से भारतीय समाज में अंतर्निहित धर्म और संस्कृति के विविध पक्षों को जानने के बेहतर माध्यम है।  कार्यक्रम का मंच संचालन कुमार बृजेंद्र, परिचय भाषण संजय कृष्ण, आगंतुक अतिथियों का स्वागत राजेश शर्मा और धन्यवाद ज्ञान अचल प्रियदर्शी ने किया। इस अवसर पर राजधानी के कई गणमान्य अतिथियों में  राकेश  रमण, सुनील सिंह बादल, प्रेम रंजन, हरेंद्र सिन्हा, गुप्तेश शंकर, पंकज मित्र, सदानंद यादव, हीरा सिंह आदि उपस्थित थे।

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