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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,36,99,52,446 रुपये से अधिक का सेटलमेंट

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Arjun Kumar…..✍️

रांची । व्यवहार न्यायालय, रांची में शनिवार को आयोजित दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, सदस्य सचिव रंजना अस्थाना, डालसा सचिव राकेश रौशन, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, एसएसपी राकेश रंजन सहित न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ, पीएलवी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 47,397 लंबित मामलों एवं 8,32,365 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही कुल 1,36,99,52,446.21 रुपये का सेटलमेंट हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लोक अदालत केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि न्याय का उत्सव है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं एवं मध्यस्थों की भूमिका लंबित मामलों के निस्तारण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। जागरूकता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत सुलभ, त्वरित एवं निःशुल्क न्याय का प्रभावी माध्यम है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
उन्होंने पीएलवी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पीएलवी गांवों, कस्बों एवं दूरदराज क्षेत्रों में विधिक जागरूकता फैलाकर जरूरतमंद लोगों तक न्याय पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। पारिवारिक मामलों में लंबित डिस्ट्रेस वारंट को कम करने पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान व्यवहार न्यायालय परिसर में दीदी कैफे, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर, प्रोटेक्टेड विटनेस रूम एवं क्यूआर कोड आधारित एप्लिकेशन सिस्टम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर डायन-बिसाही विषय पर नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया। सदस्य सचिव रंजना अस्थाना ने कहा कि झालसा एवं डालसा लगातार विधिक जागरूकता और न्यायिक सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बढ़ा है और न्याय अब केवल न्यायालय तक सीमित नहीं रह गया है। कार्यक्रम में लाभुकों के बीच मुआवजा राशि के चेक भी वितरित किए गए। मोटर वाहन दुर्घटना मामलों में 36 पीड़ितों के बीच कुल 20,06,40,672 रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई। वहीं, झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़ितों को सहायता राशि प्रदान की गई।  गीता सिंह को मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा के रूप में 13,21,18,496 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों के 40 एवं कार्यपालक दंडाधिकारियों के 20 बेंच गठित किए गए थे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने किया।