चाकुलिया: गुरुजी की जोहार यात्रा चाकुलिया पहुंची, श्रद्धांजलि सभा में नेताओं ने गुरुजी के संघर्ष और विचारों को किया याद
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया: झारखंड आंदोलन के महानायक एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर जमशेदपुर के डिमना स्थित बाबा तिलका मांझी चौक से निकली जोहार यात्रा मंगलवार को घाटशिला और धालभूमगढ़ होते हुए चाकुलिया पहुंची. इस अवसर पर चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के बिरसा चौक पर झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने रथ का भव्य स्वागत किया. इसके बाद नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और पैदल मार्च करते हुए मुख्य मार्ग से टाउन हॉल पहुंचे, जहां जोहार यात्रा का समापन एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. सभा को संबोधित करते हुए घाटशिला के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने कहा कि गुरुजी ने एक सच्चे गुरु की तरह समाज का मार्गदर्शन करते हुए लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया. उन्होंने जल, जंगल, जमीन, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए लंबा आंदोलन किया, जिसका परिणाम अलग झारखंड राज्य के रूप में सामने आया. उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने का आह्वान करते हुए कहा कि यही हमारी असली पहचान है.



बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने कहा कि पिछले वर्ष अगस्त में राज्य ने गुरुजी शिबू सोरेन और रामदास सोरेन जैसे दो अभिभावकों को खोया, जिसकी कमी आज भी महसूस होती है. उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अलग झारखंड राज्य के लिए संघर्ष किया और उनके संघर्ष की विरासत को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर मंईयां सम्मान योजना, से महिलाओं को सम्मान और आर्थिक संबल मिला है. उन्होंने कहा कि झामुमो माटी से जुड़ी पार्टी है और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे गुरुजी के विचारों और संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाकर संगठन को और अधिक मजबूत करें.

सभा के अंत में जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन सागेन पूर्ति ने किया. इस मौके पर हिदायत खान, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, मोहन कर्मकार, प्रमोद लाल, राजू गिरी, शेख बदरुद्दीन, महाबीर मुर्मू, हिरामुनी मुर्मू, सरोज महापात्र, जिला परिषद सदस्य धरित्री महतो, नगर पंचायत अध्यक्ष सोमवारी सोरेन, घनश्याम महतो, प्रखंड प्रमुख धनंजय करुणामय, ललित मांडी, जितवाहन राउत, मुन्ना होता, विशु ओझा, मो. गुलाब, गौतम दास, जगन्नाथ महतो, साहेबराम मांडी, कृति महतो, राजा बारिक आदि उपस्थित थे.

