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खरसावां मे कई महीनों से बंद पड़े छऊ नृत्य कला केंद्र का हुआ शुभारंभ…

छऊ नृत्य एवं छऊ के कलाकारों को किताबों में पढ़ा था; आज उनसे हुए रूबरू; शीला उरांव…

संजय मिश्रा सरायकेला: कई महीनों से बंद पड़े छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां का शुभारंभ मंगलवार को खरसावां अंचल अधिकारी कुमारी शीला उरांव एवं राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के निवर्तमान निदेशक गुरु तपन कुमार पटनायक ने नारियल फोड़ कर किया। छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां के शुभारंभ में कलाकारों ने स्वागत नृत्य कर किया। इस अवसर पर सुश्री उरांव ने कहा कि छऊ नृत्य एवं छऊ के कलाकारों को उन्होंने किताबों में पढ़ा था। आज उनसे रूबरू होने का मौका मिला। उन्होंने अपने अनुभव का साझा करते हुए कहा कि जिले को विरासत से मिली यह कला अनमोल है।

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उन्होंने कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज में अपनी प्रतिभा स्थापित करने की शुभकामनाएं दी। जबकि गुरु तपन कुमार पटनायक ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिला की पहचान ही अपनी विशिष्ट कला छऊ को लेकर है। इस माटी ने कई पद्मश्री, संगीत नाटक अकैडमी अवॉर्डी के साथ साथ कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को जन्म दिया है। उन्होंने विशेष कर खरसावां छऊ को एक विशिष्ट स्थान प्रदान करने के लिए खरसावां के कलाकारों की सराहना की।

समारोह में मुख्य रूप से कमल कृष्ण साहू, मो0 दिलदार, बसंत कुमार गंतायत, सुदीप कुमार घोड़ाई, पिनाकी रंजन, कमल महतो, कांतो मछुआ, सुमंत चंद्र मोहंती, नयन नायक, मो रमजान, लखींद्र नायक, जितेन घोड़ाई, दुलाल कालिंदी, उमा कुमारी, एंजल केशरी, चांदनी कुमारी, कल्पना रविदास, स्वीटी घोड़ाई, समीर नायक, शचिंद्र कुमार दास, सूरज हेंब्रम, लक्ष्मण बानसिंह, राकेश गागराई, दयाल लेट, मुकेश घोडाई सहित कई कलाकार उपस्थित रहे।