बारिश भी नहीं रोक सकी शहीद निर्मल महतो को नमन, गम्हरिया में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,गूंजा ‘निर्मल महतो अमर रहें’ का जयघोष, के.पी. सोरेन ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि


रिर्पोटर : जगबंधु महतो
गम्हरिया : झमाझम बारिश के बीच भी गम्हरिया के दुर्गापूजा मैदान में शनिवार को झारखंड आंदोलन के महानायक एवं वीर शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय लोग कार्यक्रम में जुटे और शहीद निर्मल महतो के संघर्ष एवं बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर कालीपद सोरेन (के.पी. सोरेन) अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने शहीद निर्मल महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद निर्मल महतो के सम्मान में नारे लगाते हुए उनके संघर्ष को याद किया।
प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो झारखंड की अस्मिता, अधिकार, जल-जंगल-जमीन और स्वाभिमान की लड़ाई के महान योद्धा थे। उन्होंने झारखंड के लोगों के अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि निर्मल महतो का सपना केवल अलग झारखंड राज्य का निर्माण करना नहीं था, बल्कि यहां के लोगों को अधिकार, सम्मान और बेहतर भविष्य दिलाना भी उनके संघर्ष का महत्वपूर्ण उद्देश्य था। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाते हुए झारखंड के विकास और आम लोगों के हित में एकजुट होकर काम किया जाए।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान “झारखंड मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद”, “वीर शहीद निर्मल महतो अमर रहें” और “वीर शिबू सोरेन अमर रहें” के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा। बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
कार्यक्रम में सुकलाल महतो, मृत्युंजय महतो, गौतम मंडल, रोहन सिंह सरदार, करण, सूरज सहित बड़ी संख्या में झामुमो समर्थक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अंत में उपस्थित लोगों ने शहीद निर्मल महतो के संघर्ष, त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने तथा झारखंड की पहचान, अधिकार, स्वाभिमान एवं जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

