
सरायकेला में अवैध खनन पर सख्ती, उपायुक्त ने दिए संयुक्त कार्रवाई के निर्देश

रिर्पोटर – जगबंधु महतो
खनिज परिवहन से लेकर बालू घाटों तक होगी कड़ी निगरानी, टास्क फोर्स बैठक में कई अहम फैसले
सरायकेला : सरायकेला जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में खनन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निगरानी और समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपती ने झारखंड मिनरल्स तथा झारखंड माइनर मिनरल कन्सेशन नियमावली में किए गए संशोधनों की जानकारी दी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों को इन संशोधनों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बताया कि जिले के खनन पट्टा क्षेत्रों और ईंट भट्टों का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने स्टोन क्रशरों और डीलर लाइसेंसधारियों को भी मैपिंग प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में बालू घाटों की नीलामी के बाद संचालन शुरू करने के लिए ग्राम सभा की स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने पर जोर दिया गया। साथ ही पाटा टोल प्लाजा से लंबित वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने और शेष ईंट भट्टों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी को खनिज परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच करने, वाहनों को तिरपाल से ढंकने तथा मासिक निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संयुक्त छापेमारी और मजबूत सूचना तंत्र पर बल दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि एनजीटी अवधि के दौरान नदी तल से किसी भी प्रकार का अवैध बालू उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी तथा खनन टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित थे।

