
रूपाडीह में डायरिया का कहर जारी, स्वास्थ्य शिविर में चल रहा उपचार – हरेलाल महतो ने साधा सरकार पर निशाना

संवाददाता : कल्याण पात्रो
चांडिल / नीमडीह । नीमडीह प्रखंड के टेंगाडीह पंचायत अंतर्गत रूपाडीह गांव में जलजनित बीमारी डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भी गांव में कई लोग बीमारी से ग्रसित पाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमडीह की टीम ने रूपाडीह में अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाकर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य दल ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमडीह रेफर किया, जबकि हल्के रोगियों को गांव में ही उपचार दिया जा रहा है। शुक्रवार को हरि मंदिर प्रांगण में लगाए गए शिविर में चार गंभीर रोगियों को सिलाईन चढ़ाया गया। साथ ही 65 सामान्य मरीजों को ओआरएस घोल एवं उल्टी-दस्त की दवाइयाँ वितरित की गईं।
स्वास्थ्य सेवा में लगे कर्मियों में सीएचओ प्रियंका गुड़िया, आरसीबी कुमारी पूनम, बिष्णु महतो और दीनु माछुआ ने सक्रिय रूप से उपचार कार्य में भाग लिया। गांववासियों ने स्वास्थ्य टीम की सेवा को सराहा।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
डायरिया प्रकोप की सूचना मिलने पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो भी रूपाडीह पहुंचे। उन्होंने अपने निजी एम्बुलेंस को रोगियों की सेवा में उपलब्ध कराया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला।
हरेलाल महतो ने कहा, “स्वास्थ्य जैसी सबसे आपातकालीन सेवा भी राज्य में चरमरा गई है। जब मूलभूत सुविधा ही ठीक से उपलब्ध नहीं है, तो अन्य विकास कार्यों की उम्मीद करना बेकार है। सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।”
ग्रामीणों ने भी समय पर उपचार उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रशासन से स्थायी स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की मांग की।

