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नीमडीह के बांधडीह में धूमधाम से मनाई डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती, संविधान के महत्व पर दिया गया जोर

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सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत ग्राम सभा बांधडीह में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस मौके पर ग्रामीणों को संविधान और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।ग्राम सभा बांधडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर गांव गणराज्य लोक समिति संगठन के संयोजक बृहस्पति सिंह सरदार ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने पूरे भारत के लिए संविधान निर्माण में अनेक कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने बताया कि संविधान को बनाने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा, जिसके कारण उन्हें ‘संविधान निर्माता’ के रूप में जाना जाता है।उन्होंने आगे कहा कि डॉ. आंबेडकर के प्रयासों से ही देश के आदिवासी और बहुजन समाज को विशेष अधिकार और आरक्षण की व्यवस्था मिली है। पांचवीं अनुसूची, ग्राम सभा के अधिकार सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान संविधान के माध्यम से ही सुनिश्चित हुए हैं।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि ऐसे आयोजनों से आने वाली पीढ़ी को संविधान को जानने, पढ़ने और उसका पालन करने की प्रेरणा मिलती है। डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।
इस मौके पर सूर्यकांत सिंह, कैलाश सिंह, अजीत सिंह, लेडू सिंह, शशधर सिंह, महेश्वर सिंह, गुरुचरण सिंह, मंजोदौरी सिंह, शेफाली सिंह, गणेश सिंह, भैराब सिंह, जुरू सिंह, बसंती सिंह, सिंधु वाला सिंह, पंचोंमी सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, नीमडीह के बांधडीह में आंबेडकर जयंती का यह आयोजन सामाजिक जागरूकता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश देता नजर आया।

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