दुमका : निर्माणाधीन बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना का उपायुक्त ने किया निरीक्षण
मौसम गुप्ता … ✍️


# योजना से जामा एवं जरमुंडी प्रखंड के लाखों ग्रामीणों को मिलेगी नियमित एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने गुरुवार को मसलिया प्रखंड अंतर्गत कोलारकोंदा पंचायत के कमारसली गांव में निर्माणाधीन जामा एवं जरमुंडी प्रखंडों के लिए संचालित बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्यों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की । निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त को अधिकारियों द्वारा बताया गया कि, इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से जामा प्रखंड के 14 पंचायतों तथा जरमुंडी प्रखंड के 13 पंचायतों के 1 लाख 60 हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। योजना के अंतर्गत वाटर इंटेक सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उपायुक्त को जानकारी दी गई कि वाटर इंटेक का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। इस पर उन्होंने संबंधित कार्य एजेंसी एवं अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 45 दिनों के भीतर वाटर इंटेक से संबंधित सभी कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए तथा परियोजना के शेष कार्यों में भी तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना के लाभ से कोई भी गांव अथवा ग्रामीण परिवार वंचित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यदि क्षेत्र में अतिरिक्त परिवारों को इस योजना से जोड़ने की आवश्यकता प्रतीत होती है तो उसके लिए आवश्यक प्रक्रिया भी समय रहते पूरी की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों एवं तकनीकी गुणवत्ता के अनुरूप किए जाएं। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, संरचनाओं की मजबूती तथा भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करते रहने तथा कार्य की प्रगति की सतत समीक्षा करने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है और इस दिशा में संचालित योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि योजना पूर्ण होने के बाद जामा एवं जरमुंडी प्रखंड के लाखों ग्रामीणों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
