
तरुण महतो की पत्नी और JLKM जिला अध्यक्ष के भावुक बयान से राजनीतिक तापमान बढ़ा, सिंडिकेट के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
कांड्रा : ईचागढ़ थाना क्षेत्र में अवैध वसूली के मामले में JLKM नेता तरुण महतो की गिरफ्तारी के बाद पूरा घटनाक्रम अब राजनीतिक और संवेदनशील मोड़ ले चुका है। मंगलवार देर रात डुमटांड़ मोड़ पर बालू लदे वाहनों से वसूली के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार रोकने पर तरुण महतो और उनके समर्थकों ने विरोध किया और पुलिस टीम पर हमला कर दिया जिसमें आरक्षी नरेश यादव और एक चौकीदार घायल हो गए। पुलिस ने मौके से दो वाहन जब्त कर शराब की बोतलें, झंडे और बैनर बरामद किए। लेकिन घटना के बाद कांड्रा में आयोजित JLKM प्रेस कॉन्फ्रेंस ने मामले का रूख बदल दिया। सरायकेला जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने कहा कि किसी भी ट्रैक्टर मालिक ने बयान नहीं दिया कि तरुण वसूली कर रहे थे। यह सब पार्टी और तरुण को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तरुण महतो को थाने में बेरहमी से थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया और मेडिकल रिपोर्ट में हेराफेरी की गई। दीपक महतो ने आगे कहा कि अगर किसी ने वसूली देखी है तो केस करे। हम कानून का सम्मान करते हैं लेकिन बालू माफिया और पुलिस की सांठगांठ से अवैध खनन खुलकर चल रहा है। सबसे भावुक क्षण तब आया जब तरुण महतो की पत्नी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि मेरे पति को रात लगभग दो बजे बिना वजह इंचागढ़ पुलिस उठा ले गई। ग्रामीणों ने उन्हें बुलाया था क्योंकि बाहरी लोग महीनों से बालू लूट रहे थे। मेरे पति तो सिर्फ बात करने गए थे। अगर पुलिस वाले सिविल ड्रेस में थे तो उन्हें कैसे पता चलता कि वे पुलिस हैं या बालू माफिया? उन्होंने रोते हुए कहा कि तरुण को इतना मारा गया कि मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। पानी मांगा तो पानी तक नहीं दिया गया। क्या वे क्रिमिनल हैं? हाईवा जप्त हुए पर बालू माफिया गिरफ्तार क्यों नहीं हुए? उनका यह भी दावा रहा कि प्रतिहाईवा 8000 रुपये की अवैध वसूली हो रही है जिसमें पुलिस की मिलीभगत है। JLKM ने घोषणा की है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर पुलिस–खनन सिंडिकेट के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। ईचागढ़ में यह मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि पुलिस, प्रशासन और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच टकराव का रूप ले चुका है।

