
घाटशिला : शहीद दिवस मे पूर्व सैनिक अर्धसैनिक श्रद्धासुमन अर्पित किया…
दीपक नाग… ✍️

देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाने के लिए शहीद हुए वीरों के सम्मान में आज घाटशिला के पूर्व सैनिक और अर्ध सैनिक संगठन ने शहीद दिवस मनाया।
इस अवसर पर डाहीगोड़ा स्थिति शहीद भगत सिंह चौक में श्रद्धासुमन अर्पित की गई ।
जिसमें मुख्य रूप से शौर्य चक्र से सम्मानित वारंट ऑफिसर मो जावेद, कैप्टेन धनों टुडू, पेटी ऑफिसर गौरांग पत्र, सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार महाकुड़, ASI भांजो बारी, सीआरपीएफ हैप्पी सिंह, मोहन सिंह, दिलीप सिल, बम बहादुर, मेल सिंह, रंजीत दत्ता, प्रितपाल सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे
हमारे देश में अनेक तरह का दिवस मनाया जाता है, पर शहीद दिवस की कहानी कुछ अलग ही है।
भारत में शहीद दिवस मुख्य रूप से 23 मार्च को स्वतंत्रता सेनानियों -भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु—के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। जिन्हें 1931 में इसी दिन अंग्रेजों ने फांसी दी थी। यह दिन देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सम्मानित करने का अवसर के रूप में जाना जाता है।
शहीद दिवस का इतिहास और विवरण देशवासियों को इस लिए जानने की ज़रूरत है कि, 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में अंग्रेजी हुकूमत ने मां भारती के वीर सपूतों क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। जिस उम्र में यह नौजवान सुपूत आजादी का मशाल लिए “इन्क्लाब, जिन्दा बाद” नारा लगा रहे थें इन्हें यह मालूम था कि, देश को आजादी मिलेगी, पर तब तक शायद यह देखने की हालत में नहीं रहेंगे। फ़िर भी इनके इरादे टस-से-मस नहीं हुआ।
तेज रफ्तार से समय के अंतराल में युवा पीढ़ी इस दिन के अहमियत को जाने और इन नायकों के साहस, देशभक्ति और त्याग, गौरव गाथा को हमेशा याद रखें ।
