
21 चुमाड़ टीमों ने पारंपरिक नृत्य से मोह लिया मन, श्रेष्ठ बैल व टीमों को मिला सम्मान

रिपोर्टर – अभिजीत सेन
जमशेदपुर/पोटका । पोटका प्रखंड के रसुनचोपा फुटबॉल मैदान में बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को दिशोम सोहराय पंचायत कमेटी रसुनचोपा की ओर से 21वां दिशोम सोहराय पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक पोशाकों में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में 21 चुमाड़ टीमों के महिला एवं पुरुष कलाकारों ने ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर पारंपरिक गीतों के साथ मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं ने दीप दिखाकर बैलों की पूजा-अर्चना की, जिसके बाद सजे-धजे बैलों को अखाड़ा में नचाया गया। यह दृश्य पूरे मैदान में आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम में विधायक संजीव सरदार की अनुपस्थिति में उनके अनुज भरत सरदार और विशिष्ट अतिथि युवा नेता महावीर मुर्मू उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी समाज की संस्कृति और कृषि परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। छह माह की खेती पूरी होने के बाद यह पर्व बैलों को विश्राम देने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने युवाओं से इस विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान श्रेष्ठ बैल और चुमावन टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में मुखिया सिमती सरदार, पूर्व मुखिया सुबोध सिंह सरदार, असीम मंडल, उत्पल मंडल, श्रुति हांसदा, लखींद्र हांसदा, जितराई माझी, टीकाराम हांसदा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में सलाहकार सुशील हांसदा (पारगाना), व्यवस्थापक मुचीराम माझी और बिप्लव टुडू, अध्यक्ष शशोधर हांसदा (ग्राम प्रधान), सचिव फुदन हेब्रम, कोषाध्यक्ष जादूनाथ टुडू, उपाध्यक्ष सुखदेव हेंब्रम, सह सचिव लाल मोहन हेंब्रम, सह कोषाध्यक्ष तुलसीदास सोरेन तथा समिति सदस्य सीताराम हांसदा सहित अन्य ग्रामीणों की अहम भूमिका रही।
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