















बंगाली भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के मुद्दे विधानसभा में उठाने पर विधायकों का आभार।











जमशेदपुर /पोटका -संवाददाता अभिजीत सेन
राज्य में बंगाली भाषियों को एकजुट करने वाले मंच ‘झारखंड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति’ की ओर से झारखंड विधानसभा के माननीय विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन जी एवं श्री समीर महंती जी के प्रति प्रदेश के लगभग 42 प्रतिशत बंगाली भाषी समाज की ओर से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया।
झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान म विधायकों द्वारा बंगाली भाषा एवं बंगाली भाषी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया गया। विशेष रूप से प्राथमिक स्तर से बंगाली भाषा की शिक्षा के लिए सुदृढ़ एवं स्थायी शैक्षणिक ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से ‘बांग्ला अकादमी’ की स्थापना तथा कम छात्र संख्या का हवाला देकर राज्य के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में बंगाली विभागों को बंद करने के निर्णय पर रोक लगाने की मांग को सदन में उठाया जाना अत्यंत सराहनीय एवं स्वागतयोग्य कदम है।
इसी संदर्भ में समिति के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विधायक सोमेश चंद्र सोरेन को उनके आवासीय कार्यालय तथा विधायक समीर महंती को उनके चाकुलिया स्थित कार्यालय में जाकर धन्यवाद-सह-संबोधन किया गया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल की ओर से विधायकों से आग्रह किया गया कि वे झारखंड में बंगला भाषा की गरिमा, अस्तित्व, शिक्षा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर एवं प्रभावी आवाज उठाते रहें।
विधायकों ने बंगाली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण तथा बंगाली भाषी समाज के जायज़ अधिकारों के लिए हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। वही
झारखंड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति माननीय विधायकों की इस सकारात्मक एवं सराहनीय पहल के लिए पुनः हृदय से आभार व्यक्त करती है। समिति को विश्वास है कि आने वाले दिनों में भी बंगाली भाषा के संवर्धन, संरक्षण एवं विकास के लिए विधायकों का इसी प्रकार सहयोग मिलता रहेगा।प्रतिनिधिमंडल मे
तापस चटर्जी, दिलजोय बोस, मनिन्द्र पालित, अमित राय, साधुचरण पाल,सुबोध गोराई ,असित चक्रवर्ती, नीलू दत्ता, मृणाल पाल, राजेश राय,जुड़ान मुखर्जी,जहर रक्षित, तरुण होड़ , संजय घोष आदि उपस्थित थे।
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