
आदित्यपुर में जमीन विवाद बेकाबू, आकाशवाणी पर अवैध कब्जे का आरोप, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
आदित्यपुर : आकाशवाणी केंद्र के बाहर जमीन विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नगर निगम की दखलअंदाजी ने मामले को और तूल दे दिया है, जिससे प्रशासन और आकाशवाणी दोनों कटघरे में खड़े होते दिख रहे हैं।
राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने अपनी निजी जमीन पर बने अवैध पार्क की घेराबंदी शुरू की, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान, पुलिस की आड़ में आकाशवाणी अधिकारियों के इशारे पर पिलर तोड़े गए। नगर निगम ने जमीन को सरकारी बताते हुए उन्हें नोटिस भेज दिया, जिससे विवाद और गहरा गया।
राजीव कुमार का दावा है कि उनके पिता ने 5 जुलाई 1982 को 15.5 डिसमिल जमीन (डीड संख्या 2773/2794) खरीदी थी। इसमें से 7 डिसमिल पर आकाशवाणी ने अवैध रूप से बाउंड्री बढ़ाकर कब्जा कर लिया और शेष 8.5 डिसमिल पर अवैध पार्क बना दिया गया। वर्षों से विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का नोटिस भी गलत है। “हमने किसी का रास्ता नहीं रोका। नोटिस में यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है, जबकि पिलर उखाड़े जा रहे हैं। आदेश का पालन कौन नहीं कर रहा, यह नगर निगम बताए,” उन्होंने कहा राजीव ने यह भी प्रश्न उठाया कि जिस जमीन को निगम सरकारी बता रहा है, उस पर वर्षों से होल्डिंग टैक्स उन्हीं के नाम पर कैसे काटा जा रहा है?
डीसी के आदेश पर सीओ ने कई बार आवास बोर्ड से जमीन का ब्योरा मांगा, लेकिन बोर्ड ने अब तक जवाब नहीं दिया। भू-अर्जन शाखा से भी कोई सूचना नहीं मिली। अनुमंडल, आंचल, नगर निगम और थाना—हर जगह गुहार लगाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला, उल्टा उन्हें ही दोषी ठहराया जा रहा है।
राजीव कुमार ने अब पूरे मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है और सभी संबंधित विभागों को कोर्ट में खड़ा करने की तैयारी कर ली है। रविवार को उन्होंने आकाशवाणी केंद्र आदित्यपुर के प्रबंधक राकेश रमण समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई। विवाद अब पूरी तरह कानूनी मोड़ लेकर गर्मा चुका है।
Related posts:

