
मुसाबनी : बेरोजगार युवाओं ने ताम्र नगरी सुरक्षा समिति के बैनर तले किया बैठक
दीपक नाग… ✍️
हिन्दुस्तान कापर लिमिटेड/इंडियन कापर कांप्लेक्स के बंद हुए खदानों मे से सुरदा माइन में खनन कार्य ठेका कंपनी के द्वारा आरंभ किए जाने से बेरोजगारों के दिलों में हल्की सी आशा की किरण जगा है। अस्थाई कर्मचारियों के रुप में बहाल होने के लिए हिन्दुस्तान कापर लिमिटेड/इंडियन कापर कांप्लेक्स मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस के आश्रितों ने मोर्चा खोला।
पिछले दिनों ताम्र नगरी सुरक्षा समिति के बैनर तले कंपनी के नोमिनि कांग्रेस के नेता लक्ष्मण चंद्र बाग के नेतृत्व में बैठक किया। जिसमें मुसाबनी २ नंबर, न्यू कालोनी, एटीएफ, भी ब्लाक, सी ब्लाक, हरिजन बस्ती से कंपनी के कथित आश्रित बैठक में शामिल हुए।
जिसमें यह निर्णय लिया गया कि, वर्तमान समय में खनन कार्य के लिए एच. सी. एल./आई. सी. सी. के देख देख में ठेकेदार आस-पास के बेरोजगार युवाओं को लेकर उत्पादन कार्य करवाया जा रहा है, उसमे एच. सी. एल./आई. सी. सी. के आश्रितों को पचास प्रतिशत का प्रथमिकता दिया जाए। क्यों कि, यहां के खदानों में उनके पूर्वजों ने अपने जीवन गुजार चुका है। साथ ही इस बाबत, समिति ने अपने मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन और सरकारी स्थानीय सरकारी जिम्मेदार तंत्रों को आवेदन सौंपकर इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया है। बेतहाशा बड़ते बेरोज़गारी उस अंजाम पर पहुंच चुका है जिसके बाद गणना समाप्त हो जाती है।
बता दूं कि, हिन्दुस्तान कापर लिमिटेड/इंडियन कापर कांप्लेक्स मुसाबनी ग्रुप आफ माइंस के छ: खदानें वर्ष 2000 तक एक के बाद एक बंद होना पुरे क्षेत्र के लिए आर्थिक आमदनी पर एक सुनामी समान रहा है। हजारों स्थाई कामगारों के हाथों से काम छीन ली गई। शिव पुजन अवार्ड के तहत कंपनी के आश्रितों को स्थाई कर्मचारी के रुप में अपने योग्यता के आधार पर बहाल करने का प्रावधान रहा है। खदानें बंद होते ही सारी आशाएं चुर हो गया।
बहरहाल, मुसाबनी क्षेत्र में जितनी लंबी कतार बेरोज़गारी का है संभवतः उतनी संख्या में कार्यरत ठेका कंपनी बहाल करने में परेशानी हो सकता हैं।
