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NIT जमशेदपुर में गूंजा विकसित भारत का संकल्प, मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने युवाओं को दिखाया राष्ट्र निर्माण का रास्ता

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रिर्पोटर : जगबंधु महतो

सेना ही नहीं, तकनीक और नवाचार से भी होती है राष्ट्रसेवा: मेजर जनरल जितेंद्र सिंह

2047 का विकसित भारत युवा इंजीनियरों की प्रतिभा से होगा साकार: NIT जमशेदपुर में मेजर जनरल का आह्वान

आदित्यपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में नए शैक्षणिक सत्र 2026 बैच के विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, तकनीकी नवाचार और युवा शक्ति की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड एवं बिहार सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रसेवा का अर्थ केवल सेना में शामिल होना नहीं है। देश के युवा इंजीनियर अपनी तकनीकी दक्षता, शोध, नवाचार और नए विचारों के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी महत्वपूर्ण शक्ति है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब युवा अपनी प्रतिभा और तकनीकी क्षमता का उपयोग देश की जरूरतों के अनुरूप करेंगे। भारतीय युवाओं की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की कई अग्रणी तकनीकी कंपनियों में भारतीय प्रतिभाएं महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं, जो देश की बौद्धिक और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

आधुनिक युद्धकला में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का जिक्र करते हुए मेजर जनरल ने कहा कि भारतीय सेना भी शिक्षा जगत और उद्योगों के साथ मिलकर अत्याधुनिक तकनीकों के विकास पर काम कर रही है। ऐसे में तकनीकी संस्थानों और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो जाएगी।

उन्होंने नए विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च, इनोवेशन और व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे इंजीनियरों की जरूरत है, जो केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि नई संभावनाओं और समाधान को जन्म देने वाले बनें।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में संस्थान के डीन, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में नए विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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