
पानीपाती के आदिवासी ग्रामीण शुद्ध पेय जल को तरस रहे है,बरसात में दुषित पानी पीने को मजबूर, प्रखंड विकास पदाधिकारी नहीं ले रहे है संज्ञान में…
पूर्वी सिंहभूम/पटमदा:(सुदेश कुमार) सरकार आदिवासीयों की सुविधा और योजना की बात करते है ं। बता दे की पूर्वी सिंहभूम जिला के बोड़ाम प्रखंड के पातिपानी गांव सम्पूर्ण आदिवासी गांव है जहां लगभग 150 से अधिक आदिवासी परिवार निवास करते है । गर्मीयों में शुद्ध पेय जल को लेकर परेशान रहे ।

वही स्थानीय लोगों ने बताया कि नल की खोदाई 60 फीट तक ही किया गया है पहाड़ी इलाका और आस पास बोरिंग होने से पातिपानी काली मंदिर का नल का जलस्तर नीचे चला जाता है । इस नल पर आधी आवादी पीनी पीने का काम करता है । हलांकि टिस्को के द्वारा सोलर जल मिनार बनाया गया है जो कभी काम करता है तो कभी नहीं ऐसे में लोग दुषित पानी पिने को मजबूर है ।
वही बीरभद्र ने बताया की इस संबंध में स्थानीय जन प्रतिनिधि को बताया गया साथ ही लगभग 100 ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन भी दिया गया । फिर भी कार्रवाही नहीं की गई है ।
झारखंड सरकार जन समस्याओं को दुर करने को लेकर योजना आपकी सरकार आपकी, सरकार आपके द्वार के माध्यम से जन समस्याओं खत्म करना चहता है । यहां आवेदन पर भी लोगों की मुल समस्यों का निदान बोड़ाम के प्रखंड विकास पदाधिकारी कर नही रहे है ऐसे में गरीब आदिवासी आखीर किसके दरवाजे पर जाए…….

