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एनएचएआई की लापरवाही बनी जलप्रलय की वजह, फदलोगोड़ा में भारी जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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चांडिल  । एनएचएआई की लापरवाही ने चांडिल थाना क्षेत्र के फदलोगोड़ा में गुरुवार को जलप्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी। क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद फदलोगोड़ा काली मंदिर के समीप टाटा-रांची नेशनल हाईवे और टाटा-पूरुलिया मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे दोनों प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप हो गया। हाईवे पर जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।

आशियाना वुडलैंड कॉलोनी बनी जलसमाधि

फदलोगोड़ा स्थित आशियाना वुडलैंड कॉलोनी की स्थिति और भी भयावह है। कॉलोनी में 15 से 20 फीट तक जलजमाव हो गया है, जिससे ग्राउंड फ्लोर के सभी फ्लैट डूब गए हैं। कॉलोनी के सैकड़ों निवासी घरों में फंसे हुए हैं और दर्जनों दोपहिया व चारपहिया वाहन पानी में डूब चुके हैं।

फोरलेन सड़क काटकर निकाला गया जल, फिर भी स्थिति गंभीर

स्थिति की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने टाटा-रांची फोरलेन सड़क को पोकलेन मशीन से काटकर जलनिकासी की अस्थायी व्यवस्था शुरू की। हालांकि भारी जलभराव के कारण राहत और बचाव कार्य में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

एनएचएआई पर उठे सवाल, नाला बंद करना बना बड़ी चूक

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस आपदा के लिए सीधे तौर पर एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया है। बताया गया है कि चांडिल के आसनबनी से बालीगुमा (डिमना) तक निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना के तहत फदलोगोड़ा के समीप एक पुराने नाले को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया था। इसके चलते बारिश का पानी कहीं निकल नहीं सका और क्षेत्र जलमग्न होता चला गया।

स्थायी समाधान की मांग

प्रभावित लोगों ने एनएचएआई और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति से बचने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

प्रशासन ने सुझाया वैकल्पिक मार्ग

जलजमाव के कारण टाटा-रांची हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित है। ऐसे में प्रशासन ने वाहनों को कांदरबेड़ा – दोमुहानी – मानगो – डिमना रोड के वैकल्पिक मार्ग से भेजने का निर्देश दिया है। यातायात नियंत्रण के लिए संबंधित मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

 

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