
“डैम बना, गांव उजड़े; अब अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे गेतलसूद के विस्थापित”

Arjun Kumar…✍️
अनगड़ा(राँची) । गेतलसूद डैम क्षेत्र के विस्थापितों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को विशाल जन आक्रोश रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लेकर अपने अधिकारों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया। रैली शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा। कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा । मांगपत्र में प्रमुख रूप से विस्थापितों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, गेतलसूद पंचायत को विकास कार्यों एवं सीएसआर फंड में प्राथमिकता देने, सीएसआर मद में खर्च किए गए लगभग 4.5 करोड़ रुपये का सार्वजनिक एवं पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत करने, सभी विकास एवं सीएसआर कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं रोजगार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। विस्थापितों ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा । सभा की अध्यक्षता अजय महतो ने की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दीपा उरांव, शांति मुंडा, अनीता गाड़ी उरांव, गौरीशंकर मुंडा, राजेश लोहरा, नारायण महतो, अजय राज, सूरज उरांव, रितेश महतो, सतेंद्र मुंडा, सुनील गोस्वामी, जितेंद्र मुंडा, बिपिन मुंडा, कामेश्वर महतो, नोगेन गोस्वामी, बरुण ठाकुर एवं दिनेश ठाकुर सहित अन्य ग्रामीण एवं विस्थापित उपस्थित थे। रैली के दौरान विस्थापितों ने “हिसाब दो – जवाब दो, गेतलसूद को उसका हक दो” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को बुलंद किया।
Related posts:

