Spread the love

शिक्षण कार्य में निरंतर नूतन प्रयोग शैक्षिक प्रक्रिया को गतिशील बनाता है : फणीन्द्र नाथ…

रजरप्प: विजय चंद्रा

Advertisements
Advertisements

सीसीएल रजरप्पा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में मंगलवार को शैक्षिक कार्य टोली, राँची विभाग के द्वारा निरीक्षण किया गया। इस टोली में सम्मिलित राँची विभाग के विभाग निरीक्षक फणीन्द्र नाथ झा, शैक्षिक कार्य टोली के संयोजक तथा राधाकृष्ण शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय लारी के निदेशक डॉ. संजय प्रभाकर, रामचन्द्रभान सरस्वती विद्या मंदिर रामगढ़ के प्राचार्य वरुण कुमार चौधरी, सरस्वती विद्या मंदिर मोरहाबादी के प्राचार्य आशीष झा, सरस्वती विद्या मंदिर सरूबेरा के प्राचार्य सुधीर कुमार सिंह, सरस्वती विद्या मंदिर पतरातू के कार्यालय प्रमुख हेमलता द्वारा प्रातःकालीन वंदना व्यवस्था से लेकर छात्र छात्राओं के अवकाश तक की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।

नई शिक्षा नीति के आलोक में पठन-पाठन, शिक्षण व्यवस्था एवं विभिन्न क्रियाविधि का अवलोकन किया गया। छात्र छात्राओं के अवकाश के बाद शैक्षिक टोली आचार्यों के साथ बैठक आयोजित कर आचार्यों को दिशा -निर्देश दिए गए ताकि शिक्षण व्यवस्था में नवीनता एवं आधुनिकता आए।

विभाग प्रमुख फणीन्द्र नाथ ने शैक्षिक कार्य में निरंतर नूतन प्रयोग से शैक्षिक प्रक्रिया को गतिशील बनाने की बात कही। डॉ. प्रभाकर ने आचार्यो को की अच्छे सुझाव देते हुए बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन में शिक्षकों की प्रमुख भागीदारी जिसमें नूतन प्रयोग,सोच एवं आधुनिक तकनीक के प्रयोग को आवश्यक बतलाया। निरीक्षण में सम्मिलित सबों ने शैक्षिक विकास के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए तथा कई मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की।

विद्यालय प्रबन्ध समिति के कोषाध्यक्ष आशीष झा ने शिक्षकों से इस तरह के निरीक्षण से आए विभिन्न बिंदुओं पर आत्मचिंतन करने तथा सकारात्मक योजना बनाकर कार्य करने का संदेश दिया। विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने शैक्षिक कार्य टोली के सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरीक्षण को महत्वपूर्ण बतलाया।

You missed