
एसबीयू में याद किए गए डॉ. मुखर्जी

Arjun Kumar…✍️
नामकुम(राँची) । सरला बिरला विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अखंड भारत की संकल्पना और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में विवि के महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने डॉ. मुखर्जी की जीवनी पर चर्चा करते हुए ब्रिटिश सरकार के शोषण एवं औपनिवेशिक चुनौतियों के बीच उनके दृढ़ता से खड़े रहने की चर्चा की। आजादी के बाद भी तत्कालीन नेहरू सरकार द्वारा हिंदुओं की उपेक्षा और विभाजनकारी नीतियों के विरुद्ध उनके तीव्र विरोध और कश्मीर को स्पेशल स्टेटस प्रदान करने के खिलाफ उनके प्रतिरोध और तपश्चात बलिदान देने पर उन्होंने कहा कि इस कालखंड में न तो उन्होंने पद की लालसा की और न ही अपने सिद्धांतों से पीछे हटे। कार्यक्रम में बोलते हुए कुलपति प्रो सी जगनाथन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से प्रेरणा लेकर आज की पीढ़ी को देश के विषय में सोचने और दृढ़ संकल्पित होने का आह्वान किया। इस संदर्भ में शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के दरम्यान सार्थक चर्चा की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम के अवसर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो श्रीधर डांडिन समेत विवि के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी उपस्थित रहे। विवि के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

