Spread the love

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरायकेला ने मनाया विजयादशमी उत्सव; किया पथ संचलन, सरायकेलावासियों ने स्वयंसेवकों पर की पुष्प वर्षा…

सरायकेला: संजय मिश्रा ।

Advertisements
Advertisements

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरायकेला के स्वयंसेवकों द्वारा सरायकेला के बजरंग चौक के समीप राष्ट्र प्रेम भाव के साथ विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बौद्धिककर्ता के रूप में क्षेत्र संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर उपस्थित रहे। अन्य मंचासीन अधिकारियों में सरायकेला नगर के नगर संघचालक सत्यनारायण अग्रवाल, जमशेदपुर विभाग के सह विभाग कार्यवाह किशोर प्रसाद एवं सरायकेला-खरसावां जिला के जिला कार्यवाह प्रणव सिंहदेव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पथ संचलन के साथ किया गया। इसके तहत स्वयंसेवकों ने घोष के साथ पूर्ण गणवेश में नगर भ्रमण किया। इस दौरान सरायकेलावासियों ने पथ संचलन कर रहे स्वयंसेवकों के ऊपर पुष्प वर्षा भी की। तत्पश्चात बौद्धिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बौद्धिक कार्यक्रम की शुरुआत शस्त्र पूजन से की गई।

मंचासीन अधिकारियों द्वारा शस्त्र पूजन किया गया। बौद्धिककर्ता अनिल ठाकुर ने स्वयंसेवकों को विजयादशमी की शुभकामना दी और उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि संघ का कार्य निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 1925 ईस्वी में संघ की स्थापना हुई थी। और आने वाले 2025 ई में संघ को स्थापित हुए 100 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। स्वयंसेवकों के लिए यह गर्व के क्षण है तथा इस समय सभी स्वयंसेवकों के कुछ दायित्व भी हैं। वर्तमान में संघ की पहुंच हर प्रखंड तक हो गई है और आने वाले वर्षों में संघ को हर पंचायत तक और पंचायत के माध्यम से हर गांव तक तथा गांव के माध्यम से हर घर तक पहुंचना है। संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने जो अखंड भारत का सपना देखा था वह सपना तभी पूर्ण हो पाएगा और हम दोबारा इस देश को विश्व गुरु के पद पर पदस्थापित होते देख पाएंगे। आगे उन्होंने कहा कि देवी दुर्गा शक्ति का साकार रूप है और अपने दसों हाथों में शस्त्रों को धारण किए हुए हैं अर्थात शस्त्र शक्ति का प्रतीक है।

इसलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस दिन शस्त्र पूजन के कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त समाज के लिए शक्ति की आवश्यकता है और यह शक्ति व्यक्ति एवं समाज की संघठनिक शक्ति है। जब सभी लोग एक विचार और एक भाव को लेकर आगे बढ़ेंगे तभी भारत अपने प्राचीन गौरव को प्राप्त कर पाएगा। इस अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिले के सभी प्रखंड से स्वयंसेवक उपस्थित रहे। जिन्होंने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

You missed