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शुभ घट आगमन के साथ शुरू हुई चैत्र पर्व घट पाट का धार्मिक

अनुष्ठान; अखाड़ों में बजे मांगलिक धुन…

 

सरायकेला। सरायकेला में मनाए जाने वाले प्रसिद्ध चैत्र पर्व के धार्मिक अनुष्ठानों के तहत सोमवार की देर शाम शुभ घट लाया गया। घट पाट परंपरा के तहत शुभ घट के आगमन के साथ ही प्रतिष्ठित छऊ अखाड़ों में एक साथ मांगलिक धुन बजाकर चैत्र पर्व के शुभ मंगल की कामना की गई। इससे पूर्व सांझ ढलते ही पाट भोक्ता खरकाई नदी तट स्थित माजना घाट पहुंचे।

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जहां स्नान ध्यान और संस्कारों के बाद कलश में पवित्र जल के साथ शुभ घट लेकर चले। नृत्य महोत्सव के संरक्षक भगवान इंद्र के प्रतीक स्वरूप शुभ घट के आगे आगे झंडा का आगमन हुआ। डेली मार्केट स्थित प्राचीन शिवालय के प्रांगण में पहुंच गए विधि विधान के साथ शुभ घट की स्थापना की गई।

बताते चलें कि सरायकेला का चैत्र पर्व और उसके धार्मिक अनुष्ठान समाज से जातिभेद परंपरा को मिटाने का विश्व संदेश देते हैं। जहां घट पाट परंपरा तेरह भोक्ताओं द्वारा 5 दिनों में संपन्न कराई जाती है। इसमें तेरह भोक्ता 12 अलग-अलग जातियों से शामिल होते हैं। जिसमें तेली, तामजी, खडरा, कंसारी, पात्र, गुडिली, बनिया और डांडिया जाति के अलग-अलग भोक्ता शामिल होते हैं।

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