
जिला मुख्यालय सरायकेला में सभी नशाओं पर भारी पड़ रहा है
लॉटरी का नशा……
सरायकेला। सरायकेला जिला मुख्यालय के अगल बगल विभिन्न क्षेत्र में ऐसे तो पुलिस से छुपते छुपाते एवं कई बार पकड़ाते हुए विविध प्रकार के अवैध नशीली वस्तुओं के कारोबारी अपना धंधा चलाते हुए नशेबाजों को उनकी पसंद की नशीली वस्तुएं मुहैय्या कराते रहे हैं।

परन्तु ऐसे सभी नशाओं पर इन दिनों प्रतिबंधित लॉटरी का नशा जोरों पर चल रहा है। चर्चा के अनुसार जिला मुख्यालय में प्रतिदिन लाखों रुपये के लॉटरियों का कारोबार हो रहा है। इसके संचालक कौन है? तथा कहाँ से इस कारोबार का संचालन कर रहा है?
यह तो पता नहीं। पर दर्जनों की संख्या में एजेंट घूम घूम कर लॉटरी बेचते नजर आते हैं। यह अवैध कारोबार इसलिये भी फल फूल रहा है कि लॉटरी न तो यहां प्रिंट होती हैं और ना ही दुकान लगा कर बेचा जाता है। शहरी क्षेत्र के अलग अलग हिस्सों में इसके एजेंट बहुत ही सुनियोजित तरीके से ग्राहकों तक लॉटरी लेकर पहुंच जाते हैं। बिना लॉटरी निकाले ही ग्राहक के पसंदीदा नम्बर की लॉटरी निकालकर उसे सौंपते हुए आगे निकल जाते हैं। बाजार क्षेत्र के दुकानदार, व्यवसायी, होटल में काम करने वाले कर्मी, सब्जी विक्रेता एवं मजदूरी करने वाले सहित विविध तबके के अधिसंख्य लोग लॉटरी के माध्यम सीधे लखपति बनने को लेकर निरन्तर लॉटरी के चक्रव्यूह में उलझते जा रहे हैं।
अब यह अवैध व्यवसाय का दायरा शहरी क्षेत्र से निकल कर ग्रामीण क्षेत्र तक भी पहुंच गया है। जहां शहरी क्षेत्र में प्रशासन के भय से इसके एजेंट बहुत सतर्कता के साथ कारोबार चलाते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में लॉटरी एजेंट निर्भयता के साथ धंधा चलाते हैं। ऐसा नहीं कि लॉटरी किसी को लगती ही नहीं है अगर एक दो की किस्मत साथ दे जाती है तो उसका कुछ इस प्रकार प्रचार किया जाता है कि ग्राहकों की संख्या और बढ़ने लगती है। इन दिनों लॉटरी में किस्मत आजमाने वालों में एक और चर्चा भी होने लगी है कि क्षेत्र में नकली लोटरियाँ भी बिकने लगी हैं। अब सही गलत की पहचान करना कठिन है, अगर पहचान कर भी लें तो अवैध कारोबार की शिकायत वे करें तो कहाँ करें।

