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हेसल मासु व जमुवारी  में सरहुल त्योहार धूमधाम से मनाया गया

राँची/ अनगड़ा । प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और नवजीवन के प्रतीक सरहुल त्योहार को राँची समेत अनगड़ा के हेसल पंचायत में  धूमधाम से मनाया गया। झारखंड के आदिवासी समुदायों का यह महत्वपूर्ण पर्व, वसंत ऋतु के आगमन और धरती माता की पूजा के रूप में मनाया जाता है। सरहुल पुजा के अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने पारंपरिक नृत्य, संगीत, पूजा-अर्चना, किया ।  पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।  ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। इस अवसर पर समाजसेवी व जय सरना समिति जमुवारी  के सदस्य सोहन पाहान  ने कहा, “सरहुल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और मानव के बीच अटूट संबंध का प्रतीक है। यह हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने की प्रेरणा देता है।” उत्सव में सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का संदेश भी गया।  आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को त्योहार की सफलता के लिए धन्यवाद दिया। सरहुल का यह भव्य आयोजन जय सरना समिति जमुवारी के तत्वाधान में सम्पन्न हुआ । सरहुल पूजा के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में  पंचायत के मुखिया कविता देवी पंचायत समिति सदस्य  मदरा मुंडा पंचायत समिति सदस्य शिला देवी ग्राम प्रधान देवराज पाहान रामनाथ करमाली कृष्णा करमाली हेसल उप मुखिया दुर्गा महतो व जय सरना समिति जमुवारी के सदस्यों <span;>मारवाड़ी पाहान गोविंद मुंडा विक्रम मुंडा  देवराज पाहान विशेश्वर मुंडा  संदीप पाहान  बन्धन मुंडा का अहम योगदान रहा ।  सरहुल का यह त्योहार<span;> ने एक बार फिर अनगड़ा के हेसल पंचायत में आदिवासी संस्कृति की जीवंतता को प्रदर्शित किया।

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