Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Spread the love

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के दूसरे दिन भी ए आई पर हुआ व्याख्यान…

सरायकेला: संजय मिश्रा । इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन महाविद्यालय में महाविद्यालय की ओर से आयोजित किया जा रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के द्वितीय दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ दारा सिंह गुप्ता एवं आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज जमशेदपुर के प्राचार्य प्रोफेसर राजेश तिवारी तथा जमशेदपुर रिसर्च रिव्यू के चीफ एडिटर डॉ मिथिलेश कुमार चौबे विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए।

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

पूर्वी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वियतनाम के प्रोफेसर नारायण सी देबनाथ की अध्यक्षता में आयोजित किए गए द्वितीय दिवस के कॉन्फ्रेंस में अतिथियों का स्वागत पारंपरिक नृत्य और संगीत से करते हुए पुष्प गुच्छ, सॉल्व एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। स्वागत भाषण कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर शुक्ला महांती द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ दारा सिंह गुप्ता ने अपने संबोधन में ए आई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह हमारे भविष्य की जरूरत अवश्य बन गई है। परंतु सावधानी की आवश्यकता है जिससे हम सुरक्षित रह सकें।

श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल के संस्थापक डॉ हरि वल्लभ सिंह आरसी ने बताया कि विज्ञान द्वारा निर्मित ए आई भविष्य में मानव को ही परेशानी में डाल सकता है, इसलिए सावधानी जरूर बरतें और पूरी तरह उस पर आश्रित ना हो। प्रोफेसर राजेश तिवारी ने भी ए आई के द्वारा ज्ञान और भविष्य में इसके द्वारा किए जाने वाले उपयोग के फायदे की जानकारी दी।

इस अवसर पर सीपीजीएस उड़ीसा यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के डॉ सूर्या नारायण रथ, रांची विश्वविद्यालय की सुश्री भावना कुमारी, आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज जमशेदपुर के हर्षित कुमार, मगध विश्वविद्यालय बोधगया की ज्योति कुमारी, एमजीएम हॉस्पिटल जमशेदपुर की डॉ रिचा पांडा एवं अन्य शोधार्थी और प्रोफेसर द्वारा पेपर प्रस्तुत किए गए। समापन पर प्रियंका कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक आर एन महांती, प्राचार्या डॉ स्वीटी सिन्हा, कोषाध्यक्ष किंशुक महांती सहित समस्त छात्र-छात्राएं और शिक्षक शिक्षिकाएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

You missed