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राजाउलातू पंचायत में ग्रामीणों की बैठक, धान खरीद को लेकर सरकार के प्रति तीखा आक्रोश

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Arjun Kumar Pramanik …..✍️

नामकुम(राँची) । राजाउलातू पंचायत के हेसापीड़ी गांव में ग्रामीणों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता फागु मुंडा ने की। बैठक में गांव की मूलभूत समस्याओं — सड़क, पानी, पेंशन, राशन तथा एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने धान खरीद को लेकर झारखंड सरकार पर गंभीर उदासीनता का आरोप लगाया। बैठक में मौजूद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि “हेमंत सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। झारखंड में धान खरीद की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे बिचौलियों की मौज और किसानों की मजबूरी बढ़ गई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी लापरवाही के चलते धान खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होती, जिससे दलाल सीधे किसानों के खेतों में पहुंचकर कम दाम पर फसल खरीद रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अक्टूबर-नवंबर में धान कट जाता है, इसलिए नवंबर से ही खरीद शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन सरकार की निष्क्रियता के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
गांव के लोगों में सरकार के इस रवैए को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि सरकार अपनी राजनीतिक सुविधाओं में व्यस्त है, जबकि किसान बिचौलियों के रहमोकरम पर छोड़ दिए गए हैं । मौके पर एफपीओ डायरेक्टर अंजली लकड़ा, प्रीति मुंडा, संजय मुंडा, जाटे मुंडा, बलराम मुंडा, सोमा मुंडा, अर्जुन मुंडा, बुधराम मुंडा, सुरेश अहीर, सुरेंद्र मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
ग्रामीणों ने सरकार से धान खरीद तत्काल शुरू करने, बिचौलियों पर कार्रवाई करने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराने की मांग की।

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