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Vananchal 24 TV Live SPECIAL STORY 

कहते हैं कि ईमानदारी के साथ अगर सच्ची लगन हो तो आसमान भी कदमों में झुकता है……

साइकिल से दूसरों के घर जाकर ट्यूशन पढ़ाने वाले ट्यूशन

टीचर के बेटे ने अव्वल नंबर के साथ यूजीसी नेट की परीक्षा

उत्तीर्ण की; ऑल इंडिया में चौथा स्थान…..

सरायकेला (संजय मि़श्रा) कहते हैं कि ईमानदारी के साथ अगर सच्ची लगन हो तो आसमान भी कदमों में झुकता है। और जिसके लिए कोई भी परिस्थिति बाधक साबित नहीं होती है।

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कुछ ऐसा ही कर दिखाया है सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल थाना अंतर्गत भादुडीह पंचायत के छोटालाखा गांव निवासी गुदड़ी के लाल मोहिनी मोहन कुंभकार ने। आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे निर्धन परिवार के मोहिनी मोहन कुंभकार ने शिक्षा शास्त्र विषय से 99.99 परसेंटाइल अंक हासिल कर यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिसमें मोहिनी मोहन कुंभकार को ऑल इंडिया रैंक में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही मोहिनी मोहन कुमार को शिक्षा शास्त्र विषय में 100 परसेंटाइल मिला है। जो सर्वाधिक अंक है।

बताते चलें कि उक्त परीक्षा एनटीए द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए कराई जाती है। मोहिनी मोहन कुंभकार के पिता युधिष्ठिर कुंभकार साइकिल से दूसरों के घर जाकर ट्यूशन पढ़ा कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। जबकि माता रंजना देवी एक कुशल गृहणी है।

मोहिनी मोहन कुंभकार ने अपनी दसवीं की पढ़ाई एसएस हाई स्कूल चांडिल से तथा 12वीं, ग्रेजुएशन और पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई एसबी कॉलेज चांडिल से पूरी की है। तथा आशु किस्कू बीएड कॉलेज चांडिल से बीएड की पढ़ाई पूरी की है। और वर्तमान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमएड की पढ़ाई कर रहे हैं।

मोहिनी मोहन कुंभकार अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों को देते हैं। साथ ही आगे चलकर शिक्षा में शोध करने की तमन्ना रखते हैं। तथा एक प्रोफेसर के रूप में विश्वविद्यालय में योगदान देना चाहते हैं।

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