
भीषण गर्मी से त्रस्त लोगों को पेयजल भी नसीब नहीं, पांच दिनों से प्रखंड मुख्यालय शिकारीपाड़ा में पेयजल आपूर्ति ठप्प…
ब्यूरो मौसम गुप्ता (दुमका)

शिकारीपाड़ा: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के उदासीन रवैए से सूबे की उपराजधानी दुमका के विभिन्न हिस्सों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. संबंधित अधिकारियों की असंवेदनशीलता से इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. विभाग के ढुलमुल रवैए के कारण शिकारीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना 5 दिनों से पूर्णतः ठप्प हो गई है. बताते चलें कि योजना के संचालन हेतु लगा ट्रांसफार्मर जल गया है जलसहिया द्वारा कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल दुमका को इसकी लिखित सूचना देने के बावजूद कार्यपालक अभियंता द्वारा बिजली विभाग को आज तक इसकी सूचना नहीं दी गई है और ना ही पेयजल आपूर्ति योजना को चालू करने की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता पेयजल स्वच्छता विभाग के पत्र का इंतजार कर रहे हैं। यह सभी जानते हैं कि पेयजल स्वच्छता विभाग,बिजली विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग आपातकालीन सेवा के तहत आते हैं. इनके पदाधिकारी यदि इस तरह से संवेदनहीन हो जाएंगे तो शासन प्रशासन की सक्रियता का आभास स्वतः दिखाई देता है इन अधिकारियों को ना तो मानवता का ज्ञान प्रतीत होता है और ना ही प्रशासन का है, क्योंकि इस कार्य में इन लोगों को किसी प्रकार की आमदनी होती नहीं दिखाई दे रही है. यही कारण है कि विभाग संवेदनहीन बना हुआ है।
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना की पानी टंकी एवं बिजली ट्रांसफार्मर प्रखंड विकास पदाधिकारी शिकारीपाड़ा एवं अंचल अधिकारी शिकारीपाड़ा के आवास से महज 100 गज की दूरी पर अवस्थित हैद्य प्रखंड विकास पदाधिकारी के अवकाश में रहने से उनके प्रभार में अंचल अधिकारी शिकारीपाड़ा है जो प्रखंड स्तरीय जल एवं स्वच्छता समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं, लेकिन उन्हें भी पता नहीं है कि जलापूर्ति योजना चालू है या बंद है. इस संबंध में अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर कहते हैं कि हमें तो अभी तक किसी की द्वारा किसी प्रकार की सूचना ही नहीं दी गई है।
इस संबंध में कनीय अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से काफी प्रयास के बावजूद संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
बिजली विभाग के कनीय अभियंता ने बताया कि अभी तक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से किसी प्रकार का पत्र हम लोगों को प्राप्त नहीं हुआ है और ना ही दूरभाष पर सूचना दी गई है कि ट्रांसफार्मर बदलना है।
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना शिकारीपाड़ा को चालू करने के लिए शिकारीपाड़ा हैप्पी क्लब के अध्यक्ष विकास कुमार भगत ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री झारखंड सरकार चंपई सोरेन एवं उपायुक्त दुमका को मामले से अवगत कराते हुए जलसंकट का निदान कराने का आग्रह किया है।

