
अतिवृष्टि से नामकुम में कई गरीबों का आशियाना ढहा, लोग बेघर – राहत कार्य नदारद

✍️ Arjun Kumar Pramanik
राँची/नामकुम : झारखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रांची जिले के नामकुम प्रखंड में हालात बदतर हैं। कई गांवों में घरों में पानी घुस गया है, वहीं कई गरीब परिवारों के घर धराशायी हो गए हैं।
लोधमा गांव के बसंत बड़ाइक का घर पूरी तरह ढह गया। घटना के वक्त सभी सदस्य काम पर और बच्चे स्कूल गए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घर गिरने से परिवार का सारा सामान बर्बाद हो गया। इसी गांव के राजू पाहन का घर भी ध्वस्त हो गया है, जिसे फिलहाल बांस के सहारे खड़ा किया गया है।
करम टोली निवासी दया कुमारी, अमर टोप्पो समेत चटकपुर, कुटियातू, खिजरी के कई घरों में पानी घुस गया है। लोगों को रहने और बच्चों की सेहत को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि झारखंड सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग का रवैया पूरी तरह लापरवाह है। पूर्व में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त घरों का मुआवजा आज तक नहीं मिला। स्थानीय प्रशासन को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई राहत सामग्री नहीं पहुंची है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सह नामकुम पूर्व जीप सदस्य आरती कुजुर ने किया निरीक्षण
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और नामकुम पूर्व जीप सदस्य आरती कुजुर रविवार को लोधमा, करम टोली और अन्य प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कहा:
“यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। लगातार बारिश से गरीब परिवारों का सबकुछ बर्बाद हो गया है। सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। हम मांग करते हैं कि तुरंत सर्वे कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।”
लोगों ने सरकार से तत्काल मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

