
सरायकेला नगर पंचायत वार्ड नंबर–10 में अ.ज.जा. आरक्षण को लेकर वार्डवासियों का विरोध, पुनर्विचार की मांग

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
सरायकेला । सरायकेला नगर पंचायत चुनाव 2026 को लेकर वार्ड नंबर–10 में वार्ड पार्षद सीट को अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा.) के लिए आरक्षित किए जाने के निर्णय पर स्थानीय वार्डवासियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में वार्डवासियों ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण हटाकर सामान्य अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए सीट निर्धारित करने की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि आगामी नगर पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर–10 को अ.ज.जा. के लिए आरक्षित किया गया है। जबकि इस वार्ड में कुल 747 मतदाता हैं, जिनमें मात्र 6 मतदाता अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं, जो कुल मतदाताओं का 1 प्रतिशत से भी कम है। वहीं, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या 99 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस असंतुलित आरक्षण के कारण पिछले लगभग 11 कार्यकालों से वार्ड पार्षद का चुनाव नहीं हो सका है, जिससे वार्ड में बुनियादी विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। सड़क, नाली, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं के अभाव में वार्डवासी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
वार्डवासियों ने इसे “सौतेला व्यवहार” करार देते हुए कहा कि इस फैसले से जनाक्रोश बढ़ रहा है और पूरा वार्ड इस आरक्षण का विरोध कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए वार्ड नंबर–10 में प्रस्तावित अ.ज.जा. आरक्षण पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि वार्डवासी अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव कर सकें और क्षेत्र का समुचित विकास हो सके।
साथ ही, चेतावनी दी गई है कि यदि नगर पंचायत सरायकेला चुनाव 2026 से पहले वार्ड पार्षद सीट से अ.ज.जा. आरक्षण नहीं हटाया गया, तो सभी वार्डवासी आंदोलन करने के साथ-साथ नगर पंचायत चुनाव 2026 तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बहिष्कार पर मजबूर होंगे। इसके अलावा, वार्डवासी इस मामले को लेकर माननीय न्यायालय की शरण में जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।

