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टाटीसिलवे थाना कांड (GR 825/2014): सभी आरोपी जनप्रतिनिधि व समाजसेवी बाइज्जत बरी

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Arjun Kumar Pramanik……✍️ 

नामकुम(राँची) । सोमवार  को टाटीसिलवे थाना कांड संख्या GR 825/2014 में नामजद सभी 22 आरोपियों को फोर्टी कोर्ट की  न्यायाधीश खुशबू त्यागी के न्यायालय से बाइज्जत बरी कर दिया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में सरस्वती पूजा के अवसर पर टाटीसिलवे, चतरा के बच्चों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जहाँ पूजा के दौरान बाजा भी बज रहा था। पूजा का बाजा बजना रिंग रोड निर्माण में लगे ठीकेदार और उसके आदमियों को नागवार गुज़रा, जिसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर जब गाँववाले मौके पर पहुँचे, तो ठीकेदार और उसके लोगों द्वारा फायरिंग शुरू कर दी गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इसी दौरान गोपी उरांव नामक एक छात्र लापता हो गया। घटनास्थल पर खून के निशान मिले, लेकिन गोपी उरांव का कहीं पता नहीं चला। थाना को सूचना दिए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया। लगातार एक सप्ताह तक चले जनआंदोलन के दबाव में अंततः कोलेबिरा जंगल से गोपी उरांव का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।
इसी आंदोलन के कारण प्रशासन द्वारा आंदोलन के अगुआ लोगों पर कई गैर-जमानती धाराएँ लगाते हुए कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। करीब 14 वर्षों की लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद  न्यायालय ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। इन 22 आरोपियों में से दो की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि आज शेष 20 आरोपियों को इस मामले से पूर्णतः मुक्त कर दिया गया। बरी होने के बाद सभी आरोपियों ने आम जनता, गोपी उरांव के परिजनों, प्रशासन, न्यायालय, न्यायाधीश एवं अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सच्चाई के लिए समय, संघर्ष और सहनशीलता की आवश्यकता होती है। सच एक न एक दिन जीतता ही है, और यही इस मामले में देखने को मिला।कोर्ट परिसर से बाहर निकलने के बाद सभी लोगों ने गोपी उरांव की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। बरी होने वाले आरोपियों के नाम आरती कुजूर, जयपाल हजाम, मुन्ना बड़ाइक, बांधना उरांव, नूतन पाहन, सुमित महतो, कौसल्या देवी, सुलोचना देवी, किरण पाहन, रामपोदो महतो, मनोरंजन चौधरी, अमित महतो, बंधन उरांव, डॉ. विनोद सिंह, महानंद महतो, संजय कुजूर, बिचा कुजूर, चेरबो उरांव (गोपी उरांव के पिता), विनय कुमार महतो एवं धनेश्वर महतो।

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