
सरायकेला चुनाव में संवेदनाओं पर हमला! पिता की तस्वीर पर बयान से आहत हुए प्रत्याशी सनत आचार्य फूट- फूटकर रो पड़े, प्रत्याशी बोले “ऐसी राजनीति नहीं करनी

गाम्हरिया संवाददाता- जगबंधु महतो
सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत चुनाव के दौरान राजनीति अब भावनाओं की सीमाएं लांघती नजर आ रही है। झामुमो समर्थक प्रत्याशी मनोज चौधरी के बयान के बाद चुनावी माहौल उस वक्त गरमा गया जब पंपलेट में लगी एक दिवंगत व्यक्ति की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस बयान से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सनत आचार्य गहरे रूप से आहत हो गए और सार्वजनिक रूप से भावुक होकर रो पड़े।
सनत आचार्य ने कहा कि उनके पिता, जिनका निधन कोरोना काल में समाज सेवा करते हुए हुआ, आज भी उनके लिए आदर्श और प्रेरणा हैं। “मेरे पिता मेरे लिए हीरो थे, आज भी हैं। मैं हर दिन उनकी तस्वीर पर प्रणाम करता हूं और उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चल रहा हूं,” कहते हुए वे भावुक हो गए।
उन्होंने कहा कि वे पिछले कई सालों से लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं और चुनाव लड़ने की कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं थी। “मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता था, लेकिन जनता जनार्दन ने मुझे जिम्मेदारी दी। आज दुख इस बात का है कि मेरे पिता को राजनीति का हथियार बनाया जा रहा है। सनत आचार्य ने आरोप लगाया कि एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक स्थानीय नेता उनके पंपलेट में लगी उनके पिता की तस्वीर दिखाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करता नजर आ रहा है। उन्होंने इसे राजनीति की गिरती मर्यादा बताया।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “अगर मुझे पहले से पता होता कि मेरे पिता को ‘मरा हुआ’ कहकर संबोधित किया जाएगा तो मैं चुनाव ही नहीं लड़ता। सेवा मैं बिना चुनाव के भी कर सकता हूं। राजनीति अगर इसी तरह होगी तो मुझे ऐसी राजनीति नहीं करनी।”
उन्होंने राजनीतिक विरोधियों से अपील करते हुए कहा कि व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादाओं का उल्लंघन न किया जाए। “मुझ पर कटाक्ष करें, मुझे गालियां दें, लेकिन मेरे पिता और परिवार को इसमें न घसीटें। पूरा सरायकेला जानता है कि मेरे पिता मेरे लिए क्या मायने रखते हैं।
इस घटनाक्रम के बाद सरायकेला नगर पंचायत चुनाव में भावनात्मक उबाल देखने को मिल रहा है और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है।

