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भुमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहड़ाडीह में अहम बैठक, विभिन्न पदों पर हुआ मनोनीत

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सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत रूदिया पंचायत के भुमिज बहुल गांव बहड़ाडीह में भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को पुनः सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक रूढ़ि प्रथा एवं परंपराओं का निर्वाह करते हुए श्री शिवचरण सिंह सरदार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।बैठक में भुमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के विभिन्न पदों के लिए सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया। इसमें हातु सरदार के रूप में शिवचरण सिंह सरदार को जिम्मेदारी दी गई। वहीं नाया (लाया) पद के लिए भगिरथ सिंह सरदार का चयन किया गया।इसके अलावा देवरी पद के लिए फतु सिंह सरदार, चक्रधर सिंह सरदार और सरावन सिंह सरदार को चुना गया। डाकुआ के रूप में अंगद सिंह सरदार और रंगलाल सिंह सरदार को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं शासन/हाढ़शाली जागुवाड़ी के रूप में कृष्ण सिंह सरदार, रसराज सिंह सरदार और कर्मु सिंह सरदार को दायित्व प्रदान किया गया।बैठक के दौरान संगठन की ओर से अपील की गई कि प्रत्येक भुमिज गांव के अगुवा अपने-अपने क्षेत्रों में रूढ़ि प्रथा आधारित पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। संगठन की ओर से आश्वस्त किया गया कि इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर संगठन की ओर से रविन्द्र सरदार, शुसेन सिंह सरदार, जय सिंह सरदार और रविन्द्र नाथ सिंह उपस्थित रहे। साथ ही गांव के जलन सिंह, गणपति सिंह, अंगद सिंह, लाल सिंह, भीम सिंह, कर्मु सिंह, उषा रानी सिंह, भाग्यवती सिंह, कुंजो देवी, शुकंतला सिंह, चंचला सिंह, गीता रानी सिंह, टुसु सिंह, मिठु सिंह, विरला सिंह, राधी सिंह, बिजली सिंह और सुशिला सिंह समेत भुमिज समाज के कई लोग मौजूद रहे।