Advertisements
Spread the love

सरकारी जमीन की अवैध बिक्री रोकने को लेकर ग्रामीणों की बैठक

Advertisements

Arjun kumar…✍️

अनगड़ा (रांची) । ग्राम पंचायत चतरा के टुंगरी टोला में गैरमजरूआ/सरकारी जमीन की अवैध बिक्री को लेकर ग्रामीणों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कथित ग्राम प्रधान शशिकांत पहान ने की। बैठक में वार्ड सदस्य राममोहन महली सहित सावना महतो, सुकुल महतो, संतोष महतो, संतोष मुंडा, चरकु मुंडा, राजू महली, पंकज उरांव, अजीत मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, संजय महतो, रंजीत महली, चरकु महली, हरिचरण महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

शशिकांत पाहान ने बताया कि सरकारी भूमि आम नागरिकों को जीवन यापन के लिए प्राप्त हुआ है इसे बेचने का अधिकार नही है जो सही है वो हमसब ग्रामीणों से मिलकर करेंगे । लेकिन सरकारी भूमि को बिकने नही देंगे ।  बता दें कि  खाता संख्या 226 के प्लॉट संख्या 2535, 2547 एवं 2548  भूमि की स्थिति पर चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है। ग्रामीणों ने इस पर रोक लगाने तथा प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान चतरा पंचायत के पूर्व मुखिया सोहन मुंडा ने कहा कि संबंधित भूमि सरकारी प्रकृति की है और इसकी बिक्री नियमों के विरुद्ध की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत पूर्व में अंचल कार्यालय सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञात हो कि  कि खाता संख्या 226 के प्लॉट संख्या 2535 एवं 2547 की कुल रकवा लगभग 2.79 एकड़ भूमि पर वर्ष 2020 तक मनरखल लोहरा के नाम से रसीद कटती रही है। यह भूमि आजीविका एवं जीवन-यापन के उद्देश्य से प्रदान की गई थी । बैठक में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य गठन और रांची में रिंग रोड निर्माण के बाद से क्षेत्र की जमीनों की कीमत बढ़ी है, जिसके कारण भू-माफियाओं की नजर इस प्रकार की भूमि पर लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध जमीन कारोबार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध बिक्री से सुरक्षित रखने की मांग की। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आगे भी आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विचार करेंगे।