Spread the love

झामुमो को मिला नया बौद्धिक चेहरा, के.पी. सोरेन के शामिल होने से कोल्हान की राजनीति में चर्चा तेज

Advertisements
Advertisements

रिर्पोटर – जगबंधु महतो

शिक्षाविद् के.पी. सोरेन ने थामा झामुमो का दामन, संगठन को मिलेगी नई वैचारिक ताकत

 

सरायकेला : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कोल्हान क्षेत्र में अपने संगठनात्मक विस्तार और वैचारिक आधार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शिक्षाविद् एवं झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे के.पी. सोरेन को पार्टी में शामिल कराया। सरायकेला में आयोजित संगठन सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधिवत झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।
के.पी. सोरेन के पार्टी में शामिल होने को झामुमो के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सोरेन लंबे समय से जनसरोकारों से जुड़े रहे हैं और क्षेत्र में उनकी अलग पहचान रही है। उनके जुड़ने से पार्टी को न केवल वैचारिक मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों तक संगठन की पहुंच भी और मजबूत हो सकती है।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद के.पी. सोरेन ने कहा कि झामुमो की विचारधारा, झारखंडी अस्मिता और जनहित के मुद्दों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रभावित किया है। उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प व्यक्त किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि के.पी. सोरेन जैसे शिक्षित और वैचारिक व्यक्तित्व का झामुमो से जुड़ना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। उनके समर्थकों और सामाजिक प्रभाव का लाभ संगठन को आगामी दिनों में मिल सकता है। यही वजह है कि इस राजनीतिक जॉइनिंग को केवल एक सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम नहीं, बल्कि कोल्हान की राजनीति में बदलते समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है और इसे झामुमो की संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

You missed