
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक;चापाकल मरम्मत कार्य को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश

दुमका : उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में पंचायती राज विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक प्रखंड से कम से कम एक प्रस्ताव तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके लिए हाट-बाजार, सार्वजनिक स्थल अथवा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने चापाकल मरम्मत कार्य को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां नए चापाकलों की आवश्यकता है वहां की सूची तैयार रखी जाए। इस दौरान उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत छूटे हुए गांवों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मनरेगा की समीक्षा के दौरान उन्होंने जॉब कार्डधारियों का ई-केवाईसी के माध्यम से नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया। आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर बल दिया।
जेएसएलपीएस की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। मुद्रा योजना के अंतर्गत बैंकों में लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंचायत स्तर पर लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पात्र लाभुकों को चिन्हित कर विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान पीएम कुसुम योजना के लिए लाभुकों की पहचान करने, 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे बीजों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने तथा धान बीज प्राप्त होने वाले सभी प्रखंडों में लैम्प्स के माध्यम से वितरण प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के शत प्रतिशत योग्य लाभुकों को लाभ देने का निदेश दिया गया। बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाने तथा उनका आधार नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पेंशन स्वीकृति के समय सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जाए ताकि अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ न मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे सुविधा को क्रियाशील बनाए रखने का निर्देश दिया तथा कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु आवंटन की मांग की गई है तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए भी आवंटन प्राप्त करने हेतु अनुरोध भेजा गया है। साइकिल वितरण योजना 2025-26 की समीक्षा में बताया गया कि अधिकांश प्रखंडों में वितरण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा मसलिया प्रखंड में शेष वितरण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 20 हजार साइकिल वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके तहत जल्द ही वितरण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने राजस्व संग्रह में वृद्धि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बैठक में लंबित दाखिल-खारिज मामलों की भी समीक्षा की गई तथा इनके त्वरित निष्पादन पर बल दिया गया।
अबुआ जाति निवासी प्रमाण पत्र अभियान की समीक्षा करते हुए बताया गया कि विभिन्न प्रखंडों में आयोजित शिविर के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र हेतु कुल 26,627 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 15,000 का निष्पादन किया जा चुका है तथा शेष लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन किया जा रहा है। बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि किसी विभाग को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि की आवश्यकता हो तो संबंधित अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी पात्र राशन कार्डधारियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी लाभुक को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभ से वंचित न होना पड़े।
बैठक में सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

